अमेरिका और पाकिस्तान के बीच होने वाले 500 मिलियन डॉलर के खनन और दुर्लभ खनिज समझौते में अमेरिका के पूर्व व्हाइट हाउस डॉक्टर रॉनी जैक्सन एक अहम भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं. रॉनी जैक्सन पहले अमेरिकी नौसेना में डॉक्टर रह चुके हैं और तीन अमेरिकी राष्ट्रपतियों के कार्यकाल में व्हाइट हाउस के डॉक्टर भी रहे हैं. सरकारी दस्तावेजों से पता चलता है कि वह इस पूरे समझौते की बातचीत के केंद्र में हैं.
पाकिस्तान के अधिकारियों से सीधी बातचीत
अमेरिका के न्याय विभाग में दर्ज FARA दस्तावेजों के अनुसार, रॉनी जैक्सन ने 1 मई को पाकिस्तानी अधिकारियों से आमने-सामने मुलाकात की. यह बैठक पहलगाम आतंकी हमले के कुछ ही समय बाद हुई. इसमें दुर्लभ खनिज और खनन समझौते पर चर्चा की गई.
भारत-पाक तनाव पर भी हुई बातचीत
इसके बाद 6 मई को फोन पर बातचीत हुई, जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित तनाव पर चर्चा की गई. इसी समय भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. 16 मई को सीजफायर के बाद फिर से बातचीत हुई और डिनर मीटिंग की योजना बनाई गई. मई के पूरे महीने बातचीत तेज होती चली गई.
पिछले साल 28 मई को की गई थी अहम कॉल
28 मई को हुई एक फोन कॉल के बाद खनन समझौते का ड्राफ्ट समझौता (MoU) ईमेल के जरिए भेजा गया. इसके दो दिन बाद फिर कॉल और मैसेज हुए, जिनमें दुर्लभ खनिज के विकास और समझौते पर बात हुई.
सितंबर में हुआ 500 मिलियन डॉलर का समझौता
यह ड्राफ्ट आगे अमेरिकी सिस्टम में घूमता रहा और आखिरकार सितंबर में अमेरिका की कंपनी यूएस स्ट्रैटजिक मेटल्स और पाकिस्तान की फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गेनाइजेशन के बीच 500 मिलियन डॉलर का समझौता हो गया. दिलचस्प बात यह है कि रॉनी जैक्सन ने पहले पाकिस्तान का नॉन-नाटो सहयोगी दर्जा खत्म करने का बिल पेश किया था. लेकिन अब वही जैक्सन अमेरिका में पाकिस्तान के लिए अहम संपर्क शख्स बन गए हैं.
ट्रंप से जुड़े लोग भी शामिल
इस पूरे मामले में Javelin Advisors LLC अहम भूमिका में है, जिसे कीथ शिलर और जॉर्ज सोरियल चलाते हैं. दोनों पहले डोनाल्ड ट्रंप के संगठन से जुड़े रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के लिए यह लॉबिंग रॉबर्ट साइडन की लॉ फर्म कर रही है. इसके तहत अमेरिका के कुछ सांसदों और पूर्व नौसेना अधिकारियों से भी संपर्क किया गया.
अफ्रीका में भी निभा चुके हैं भूमिका
रॉनी जैक्सन इससे पहले कांगो और रवांडा में खनन से जुड़े मामलों में भी ट्रंप के हितों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उनकी भूमिका से दोनों देशों के बीच शांति समझौता भी हुआ था.