शहबाज-मुनीर के SCO समिट से लौटते ही चीन ने किया बड़ा ऐलान, जानें क्यों बढ़ेगी भारत की टेंशन


China-Pakistan Security Cooperation: चीन और पाकिस्तान ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने तथा आतंकवाद पर काबू पाने के लिए संयुक्त रूप से काम करने का निर्णय लिया है. यह जानकारी चीनी राज्य एजेंसी शिन्हुआ ने गुरुवार (4 सितंबर) को साझा की. यह कदम दोनों देशों द्वारा तैयार की गई संयुक्त कार्य योजना पर आधारित है.

यह योजना ऐसे समय में सामने आई जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चीन के दौरे पर बीजिंग पहुंचे और वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल हुए. बैठक के दौरान चीन ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह देश में चल रहे अरबों डॉलर के विकास कार्यों में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी कर्मचारियों पर आतंकवादियों द्वारा हमले किए गए हैं, जिससे सुरक्षा चिंता बढ़ी है.

पाकिस्तान के सामने बेल्ट एंड रोड परियोजना और सुरक्षा की चुनौती

पाकिस्तान चीन की वैश्विक बेल्ट एंड रोड परियोजना का महत्वपूर्ण केंद्र है. हालांकि, वहां चीनी कर्मचारियों और परियोजनाओं को मिलने वाले सुरक्षा खतरे दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बने हुए हैं. शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, शी जिनपिंग ने कहा, “चीन पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष का समर्थन करता है और उम्मीद करता है कि पाकिस्तान प्रभावी कदम उठाएगा ताकि चीनी कर्मचारियों, परियोजनाओं और संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो. इससे द्विपक्षीय सहयोग के लिए सुरक्षित वातावरण बनेगा.” शी ने यह टिप्पणी शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन के दौरान टियांजिन में की, जिसमें 20 से अधिक गैर-पश्चिमी देशों के नेता शामिल हुए.

चीन ने उठाई ये मांग

पाकिस्तान ने चीनी परियोजनाओं और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए हजारों सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस तैनात किए हैं. इसके बावजूद, चीन चाहती है कि पाकिस्तान देश में चीनी सुरक्षा कर्मियों को भी काम करने की अनुमति दे. पिछले दशक में चीन ने पाकिस्तान में बिजली घर, सड़कें और भारतीय महासागर के पोर्ट ग्वादर का विकास किया है. लेकिन लगभग 60 अरब डॉलर की बेल्ट एंड रोड परियोजनाओं की कई योजनाएं सुरक्षा चिंताओं के कारण रुकी हुई हैं. आतंकवादी और अलगाववादी समूहों ने चीनी कर्मचारियों को निशाना बनाना जारी रखा है, जिससे दोनों देशों की सुरक्षा रणनीतियों को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है.

 



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