श्रीलंका के जाफना में भारत की बड़ी मदद, 120 फुट डुअल ब्रिज से बहाल होगी कनेक्टिविटी


चक्रवात ‘दित्वाह’ से बुरी तरह प्रभावित श्रीलंका के जाफना में भारतीय सेना तेजी से पुनर्स्थापन कार्यों में जुटी है. इसके तहत जाफना में भारतीय सेना ने एक बड़ा इंजीनियरिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है. भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स यहां 120 फुट लंबे डुअल कैरेजवे बेली ब्रिज की कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर काम कर रही है.

भारतीय सेना ने शुक्रवार (19 दिसंबर, 2025) को बताया कि बेली ब्रिज के लॉन्च की प्रक्रिया आरंभ कर दी, जो इस क्षेत्र को दोबारा मुख्य सड़क संपर्क प्रदान करेगा. यह मार्ग इस पूरे इलाके में कनेक्टिविटी मुहैया कराने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. भारतीय सेना के मुताबिक, उनके इंजीनियरिंग दस्ते ने पुल लॉन्चिंग से पहले महत्वपूर्ण तैयारी कार्य पूरा कर लिया है. सेना की इस तैयारी में यहां पहले से मौजूद क्षतिग्रस्त पुराने पुल को सुरक्षित तरीके से हटाना सबसे बड़ा कदम था.

पुराने क्षतिग्रस्त पुल को हटाकर उस पुल का मलबा पूरी तरह साफ किया गया है. पुल के दोनों किनारों पर मजबूत पाइल फाउंडेशन का निर्माण किया गया है, ताकि पुल अधिक भार वहन कर सके. भारतीय सेना ने इन नींव कार्यों के पूर्ण होने के बाद अब बेली ब्रिज की फिटिंग और लॉन्चिंग शुरू कर दी है.

सेना के मुताबिक ये हैं पुल श्रीलंका के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपस में जोड़ने का काम करेगा. इस पुल के शुरू होने के उपरांत यहां वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी. इस बेली ब्रिज के संचालन में आने के बाद जाफना क्षेत्र की टूटी हुई सड़कों की कनेक्टिविटी भी बहाल होगी. यहां परन्थन और मुल्लैतिवु जैसे महत्वपूर्ण कस्बों के बीच यातायात सामान्य होगा. वहीं राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और मानवतावादी सहायता तेजी से प्रभावित इलाकों पहुंचेगी.

सेना के मुताबिक इस निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी. चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में बड़ी तबाही मचाई थी. कई सड़कें, पुल और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे इसके कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं. ऐसे में भारतीय सेना का यह कदम क्षेत्र के पुनर्वास प्रयासों को बड़ी मजबूती प्रदान करेगा. भारतीय सेना ने पहले भी प्राकृतिक आपदाओं में श्रीलंका की मदद की है, और यह कार्रवाई दोनों देशों की आपसी मित्रता, विश्वास और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करती है.

 

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