संसद में मिडिल ईस्ट पर टूटेगी सरकार की चुप्पी! विदेश मंत्री दोनों सदनों में देंगे बयान, भारत का रुख होगा साफ?



संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत सोमवार से होने जा रही है. सत्र की शुरुआत के साथ ही पश्चिम एशिया में चल रहे हालात और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से बड़ा बयान आने वाला है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान विपक्ष सरकार से कई सवाल भी उठाएगा.

पश्चिम एशिया की स्थिति पर जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर बयान देंगे. यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं और मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है. सरकार इस बयान के जरिए भारतीयों की सुरक्षा और सरकार की रणनीति के बारे में जानकारी दे सकती है.

बजट सत्र के दूसरे चरण में टकराव के आसार
संसद का दूसरा चरण काफी हंगामेदार रहने की संभावना है. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिल सकता है. इनमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव, पश्चिम एशिया का संकट और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रमुख हैं.

तेल आपूर्ति और रूस से तेल खरीद का मुद्दा
विपक्ष सरकार को उस फैसले पर भी घेरने की तैयारी में है जिसमें अमेरिका प्रशासन ने भारत को 30 दिनों के लिए रूस से तेल खरीदने की छूट दी है. वैश्विक स्तर पर ईरान के नियंत्रण वाले स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच यह फैसला चर्चा में है. यह समुद्री मार्ग दुनिया की करीब एक चौथाई तेल आपूर्ति के लिए अहम माना जाता है.

राष्ट्रपति के अपमान को लेकर NDA का हमला
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ पक्ष विपक्ष पर राष्ट्रपति के कथित अपमान को लेकर भी हमला करने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री मोदी ने द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान हुए प्रोटोकॉल विवाद को ‘शर्मनाक और अभूतपूर्व’ बताया है. उन्होंने इसके लिए राज्य की सरकार को जिम्मेदार ठहराया.

राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति पर साधा निशाना
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सरकार की विदेश नीति की आलोचना की है. उनका कहना है कि भारत की विदेश नीति देश के इतिहास, भूगोल और सत्य-अहिंसा के मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में ऐसा नहीं दिखाई दे रहा है.

2 अप्रैल तक चलेगा सत्र
संसद का यह सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा. इस दौरान सरकार को वित्त विधेयक और विभिन्न मंत्रालयों के अनुदान मांगों को पारित कराना है. हालांकि अभी तक सरकार ने इस सत्र के लिए अपना पूरा विधायी एजेंडा घोषित नहीं किया है. 



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