सेबेस्टियन लेकोर्नु फिर से बने फ्रांस के PM, देश को राजनीतिक उथल-पुथल से बचाने के लिए रखी ये शर्तें



फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार (9 अक्टबूर, 2025) को एक बार फिर सेबेस्टियन लेकोर्नू देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है. बीते सोमवार को ही लेकोर्नू ने भारी विरोध के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. पीएम पद पर नियुक्त किए जाने के बाद लेकोर्नू ने एक्स पर लिखा कि वो साल के आखिर तक फ्रांस को बजट प्रदान करने और हमारे साथी नागरिकों के दैनिक जीवन के मुद्दों को हल करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.

उन्होंने आगे कहा, ‘हमें इस राजनीतिक संकट का अंत करना होगा, जो फ्रांसीसी लोगों को परेशान करता है और इस अस्थिरता का भी जो फ्रांस की छवि और उसके हितों के लिए हानिकारक है.’ रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, रि-अपॉइंटमेंट के बाद अब लेकोर्नू का मुख्य कार्य जल्द से जल्द फ्रांसीसी संसद में अगले वर्ष का बजट प्रस्तुत करना होगा.

बीते 2 साल में पद छोड़ने वाले देश के 5वें प्रधानमंत्री

मैक्रों के करीबी सहयोगी लेकोर्नू की पुनर्नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब उन्होंने पदभार ग्रहण करने के कुछ ही सप्ताह के भीतर और मंत्रिमंडल की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इस्तीफा दे दिया था. इसके साथ ही वे पिछले 2 वर्षों में पद छोड़ने वाले देश के पांचवें प्रधानमंत्री बन गए.

बता दें कि फ्रांस इस समय गहरे राजनीतिक संकट में फंसा हुआ है, खासकर पिछले साल मैक्रों द्वारा अचानक विधान सभा चुनाव कराने के आह्वान के बाद. यह कदम उनके खिलाफ गया और जुलाई 2024 में संसद में त्रिशंकु स्थिति पैदा हो गई, जो तीन गुटों में बंट गई जिनकी विचारधारा एक-दूसरे से मेल नहीं खाती. हालांकि लेकोर्नू फ्रांस को राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल से बाहर निकालना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ शर्तों के तहत ही किया जा सकता है. 

लेकोर्नू ने रखीं ये शर्तें

नए पीएम लेकोर्नू ने कहा कि हाल के दिनों में आयोजित परामर्श के दौरान उठाए गए सभी मुद्दे संसदीय बहस के लिए खुले होंगे. डिप्टी और सीनेटर अपनी जिम्मेदारियों को लेने में सक्षम होंगे और बहस को अंत तक देखा जाना चाहिए. हमारे सार्वजनिक वित्त को बहाल करना हमारे भविष्य और हमारी संप्रभुता के लिए एक प्राथमिकता बनी हुई है, कोई भी इस आवश्यकता से बच नहीं पाएगा. 

उन्होंने आगे कहा कि सरकार में शामिल होने वालों को 2027 के लिए राष्ट्रपति पद की महत्वाकांक्षाओं को दरकिनार करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए. नई सरकारी टीम में कौशल का नवीनीकरण और विविधता शामिल होनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि मैं इस मिशन में सफल होने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा.

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