ईरान और इजरायल में जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में जो हालात हैं, उससे पाकिस्तान काफी घबराहट में है. उसको डर लग रहा है कि मुस्लिम देश इस तरह क्यों भिड़ रहे हैं और हर तरफ मुस्लिम देशों में क्यों आफत आई हुई है. एक पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने इस पर कहा है कि ईरान आसानी से निशाना इसलिए बना क्योंकि मुस्लिम देश तालीम से दूर हैं, इस्लाम को सामने रखकर ये चीजें करते हैं. उन्होंने कहा कि रिलीजियस कंवर्जन जबरदस्ती नहीं होता, बल्कि लोगों को अपना किरदार बेहतर करना चाहिए, ताकि दूसरे कहें कि इनका धर्म कितना अच्छा है और फिर वो कन्वेंस हों.
पाकिस्तानी एक्सपर्ट साजिद तरार से पूछा गया कि सब जगह मुसलमान ही क्यों मर रहे हैं, ये आपस में ही लड़ रहे हैं. मिडिल ईस्ट देख लो, पाकिस्तान-अफगानिस्तान देख लो. इस पर साजिद तरार ने कहा, ‘मुसलमान शासक हुकूमत करते रहे हैं और वो दूसरी कौमों के ऊपर जुल्म करते रहे हैं, इसमें कोई शक नहीं है आप इतिहास पढ़कर देख लें.’
साजिद तरार ने कहा, ‘दूसरा वर्जन ये है कि आप इस्लाम को सामने रखकर चीजें करते रहे हैं. सोमनाथ मंदिर को लेकर मुस्लिम शासक कहते थे कि हम इसको इस्लाम के लिए लूटने आए थे, लेकिन असल में तो आप वहां से सोना चुराने आए थे और फिर उठाकर अफगानिस्तान ले गए.’
साजिद तरार ने कहा- मुस्लिम देशों ने तालीम से दूरी क्यों कर ली?
साजिद तरार ने एक मिसाल देते हुए कहा, ‘आज भी देखा जाए कि अगर कोई बच्चा पाकिस्तान से निकलकर ब्रिटेन जाता है. अब पाकिस्तान में तो वह शरिया लागू नहीं कर सका, लेकिन उसकी ख्वाहिश ये होगी कि लंदन में शरिया चले. यूके का नाम बदलकर इस्लामिस्तान किया जाए. दूसरा हर मुसलमान ये कहता है कि एक दिन आएगा पूरी दुनिया मुसलमान होगी. मैं समझता हूं कि कंवर्जन जबरदस्ती नहीं होता, आप अपना किरदार ऐसा बनाएं कि लोग कन्वेंस हों कि देखो इसका किरदार कितना अच्छा है, इसका धर्म कितना अच्छा होगा.’
साजिद तरार बोले- मिडिल ईस्ट में कोई टॉप यूनिवर्सिटी या अस्पताल क्यों नहीं?
साजिद तरार ने यह भी कहा कि दूसरा ये कि मुस्लिम देशों ने तालीम से दूरी बना ली. यही वजह है कि ईरान कितनी आसानी से निशाना बन गया. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में कहीं कोई ऐसी टॉप लेवल की यूनिवर्सिटी है जहां, ये अपने बच्चों को पढ़ा सकें या ऐसा कोई बेहतरीन अस्पताल है, जहां ये अपना इलाज करवा सकें? तेलों को बेच-बेच कर ये इन्होंने इतना पैसा कमाया, तो उसका इस्तेमाल इसमें क्यों नहीं किया.