अफगान-पाक जंग के बीच शीर्ष अफगानन तालिबान अधिकारी ने एबीपी न्यूज पर कहा, ‘पाकिस्तान भाड़े की जंग लड़ता है. एक भी जंग नहीं जीता, हर बार भारत से पिटा इसीलिए अफगान नागरिकों पर हमले कर रहा है.’
गुरुवार (26 फरवरी, 2026) की रात अफगानिस्तान की सेना के पाकिस्तानी सैन्य अड्डों को ध्वस्त करने और 55 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारने के बीच अफगानिस्तान में तालिबान के शीर्ष अधिकारी और संस्कृति मंत्रालय में निदेशक कारी सईद खोशती ने एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत की. उन्होंने कहा कि कल बीती रात अफगान सेना की ओर से पाकिस्तानी सैन्य अड्डों पर हमले किए गए.
उन्होंने कहा कि 22 फरवरी को मासूम अफगान नागरिकों पर की गई पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक का बदला है और ये तब तक जारी रहेगा जब तक बदला पूरा नहीं हो जाता. कारी सईद खोशती ने एबीपी न्यूज को बताया कि अफगानिस्तान के समयानुसार रात 8 बजे सेना ने पाकिस्तान की कई सैन्य पोस्टों और अड्डों पर हमला शुरू किया और आधी रात तक 18-20 पाकिस्तानी चौकियों को तबाह कर चुकी है और पाकिस्तानी सेना की हालत इतनी खराब है कि कई सेक्टरों में हमले शुरू होते ही पाकिस्तानी सैनिक अपनी-अपनी पोस्ट छोड़कर भाग निकले.
कारी सईद खोशती ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा डूरंड लाइन को फर्जी लाइन बताते हुए कहा कि अफगानिस्तान इस सीमा को वैध नहीं मानता और ये थोपी गई रेखा है. साथ ही शीर्ष तालिबानी अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को ध्वस्त करने के साथ साथ अफगान सैनिकों ने डूरंड लाइन को भी पार किया और कई पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाकर अफगान सैनिक लाए हैं.
सितंबर से अब तक पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में 88 अफगान नागरिकों की मौत का हवाला देते हुए खोशती ने कहा, ‘अगर पाकिस्तान को हमसे समस्या है तो वह हमारी सेना से लड़े, लेकिन नागरिकों को निशाना बनाना बहादुरी नहीं है.’ पाकिस्तानी सेना की पोल खोलते हुए कारी सईद खोशती ने कहा कि पाकिस्तानी सेना का इतिहास है की वो आज तक एक भी जंग नहीं जीती, भारत से हर दफा पिटी इसी वजह से ये सैनिको से नहीं लड़ती है और निहत्थे लोगों पर हमला करती है. साथ ही पाकिस्तान के इतिहास पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लाम के नाम पर बना देश दूसरे मुस्लिम देशों पर ही हमला करता है.
कारी सईद खोशती ने मौजूदा पाकिस्तानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDF) आसिम मुनीर के लिए कहा कि आसिम मुनीर अपने देश के भले के लिए काम नहीं कर रहा है बल्कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के इशारे पर अफगानिस्तान के साथ भाड़े की जंग लड़ रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास गवाह है कि उसने हमेशा भाड़े की ही जंग लड़ी है. कारी सईद खोशती के मुताबिक पिछली जंग लड़ कर आसिम मुनीर ने 27 वां संविधान संशोधन करवाया था और अब वो खुद को बेतहाशा मजबूत करने के लिए और जंग लड़ रहा है और ISKP को पाल रहा है ताकि पूरा क्षेत्र अस्थिर हो और वो एक और संशोधन करवाए.
कारी सईद खोशती ने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना के उच्च अधिकारी लश्कर ए तैयबा और इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) का एक जॉइंट कमांड बना चुके हैं जिससे भारत और अफगानिस्तान जैसे देशों को पाकिस्तान अस्थिर कर सके और पूरे क्षेत्र को अशांत कर सके. कारी सईद खोशती के मुताबिक पाकिस्तान के साथ बातचीत के दौरान कई बार अफगानिस्तान की सरकार पाकिस्तान के खिलाफ आतंकियों को पालने के सबूत दे चुकी है.
‘टीटीपी और BLA के लड़ाकों को अफगानिस्तान शरण देता है और ये लड़ाके अफगानिस्तान से पाकिस्तान में घुसपैठ करते हैं’, अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के इस आरोप को लेकर कारी सईद खोशती ने कहा कि सीमा पर कंटीले तार और पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी के चलते घुसपैठ का दावा वास्तविकता से परे है और पाकिस्तान अपनी सुरक्षा में चूक का आरोप दूसरे देश पर मढ़ कर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटना चाहता है.
खोशती ने कहा कि पाकिस्तान के भीतर पख्तून और बलोच क्षेत्रों में हिंसा की जड़ें आंतरिक विफलताओं में हैं क्योंकि जिस तरह से पाकिस्तान किराए की जंग लड़ता है उसी वजह से वो अपने देश में भी पख्तूनों और बलूचों पर हमले करता है , उन्हें मारता है. इसी कारण पाकिस्तान में पख्तून टीटीपी के बैनर तले हुकूमत के खिलाफ हथियार उठाए हुए हैं और बलूच BLA के बैनर तले. ऐसे में अपने देश में होने वाले आतंकवाद का जिम्मेदार खुद पाकिस्तान ही है और इसका दोष अफगानिस्तान पर मढ़ना उचित नहीं है.