बांग्लादेश पुलिस ने दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चटगांव के पास हिंदू परिवार के घर में आग लगाने वाले हमलावरों के बारे में जानकारी देने पर इनाम की घोषणा की है. बांग्लादेश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य में मॉब लिंचिंग एक प्रमुख संकट के रूप में उभरी है.
इत्तेफाक अखबार ने गुरुवार (25 दिसंबर, 2025) को अपनी रिपोर्ट में बताया कि चटगांव रेंज के पुलिस प्रमुख अहसान हबीब ने बुधवार (24 दिसंबर, 2025) की रात को शहर के बाहरी इलाके रावजान क्षेत्र में सुख शिल और अनिल शिल के जले हुए घर का दौरा करते हुए इनाम की पेशकश की. हालांकि, उन्होंने इनामी राशि के बारे में जानकारी नहीं दी.
रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार (23 दिसंबर, 2025) की रात को अज्ञात बदमाशों ने घर में आग लगा दी, लेकिन घर में रहने वाले लोग बाल-बाल बच गए. परिवार के सदस्यों ने कहा कि वे तड़के आग की गर्मी महसूस करके जाग गए, लेकिन दरवाजे बाहर से बंद होने के कारण वे शुरू में बाहर नहीं निकल पाए. दोनों परिवारों के आठ सदस्य टीन की चादरें और बांस की बाड़ काटकर जलते हुए घर से बाहर निकल पाए.
रावजान में सात हिंदू परिवारों के घर खाक
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह इसी इलाके में हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाकर आगजनी की कई घटनाएं हुईं. पुलिस ने कहा कि पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष सुरक्षा दल का गठन किया गया है. रिपोर्ट में मुताबिक, पिछले पांच दिनों में रावजान के तीन अलग-अलग इलाकों में सात हिंदू परिवारों के घर जला दिए गए.
छापेमारी में पांच संदिग्धों की हुई गिरफ्तारी- साजिदुल इस्लाम
रावजान पुलिस थाना प्रभारी साजिदुल इस्लाम ने कहा कि पुलिस छापेमारी में अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य की तलाश जारी है. पुलिस ने अंतरधार्मिक सद्भाव सुनिश्चित करने और ऐसे जघन्य अपराधों के अपराधियों के खिलाफ सामाजिक सतर्कता बरतने के लिए स्थानीय प्रभावशाली लोगों के साथ बैठक की. पिछले सप्ताह मैमनसिंह क्षेत्र में ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने 28 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीटते हुए पेड़ से लटकाकर आग लगाकर हत्या कर दी थी.
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