हैदराबाद एयरपोर्ट पर DRI का बड़ा एक्शन, 9.5 करोड़ का गांजा बरामद, कैसे मिली टिप?


राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (RGIA) पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 27.15 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड/मैरिजुआना) जब्त किया है. इसकी अनुमानित कीमत 9.5 करोड़ रुपये है. यह खेप बैंकॉक से थाई एयरवेज की फ्लाइट से आए चार भारतीय यात्रियों के चेक-इन बैग में छिपाई गई थी. चार इंटरनेशनल पैसेंजर्स और उनके तीन साथी कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

खुफिया जानकारी मिलने के बाद की कार्रवाई

30 जनवरी की देर रात करीब 1:15 बजे डीआरआई हैदराबाद जोनल यूनिट के अधिकारियों ने खास खुफिया जानकारी के आधार पर हवाई अड्डे के आगमन क्षेत्र में निगरानी शुरू की. थाई एयरवेज की फ्लाइट TG-329 से बैंकॉक से आए चार यात्रियों को उनके बैग हैंडओवर करते समय रोका गया. साथ ही तीन अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया. 

बैग की गहन जांच में ट्रॉली बैग के अंदर कई पैकेट मिले, जिनमें हरे-भूरे रंग का गांजा जैसा पदार्थ छिपा था. नारकोटिक ड्रग डिटेक्शन किट से जांच में यह हाइड्रोपोनिक गांजा साबित हुआ. कुल 27.15 किलो (ग्रॉस वजन) जब्त किया गया.

NDPS एक्ट के तहत की गई कार्रवाई

यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत की गई. सभी सात आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच में पता चला कि यह हाइड्रोपोनिक गांजा अंतरराष्ट्रीय तस्करी का हिस्सा था, जो बैंकॉक से भारत लाया जा रहा था. हाइड्रोपोनिक तरीके से उगाया गया गांजा सामान्य गांजे से ज्यादा ताकतवर होता है, क्योंकि इसे पानी और पोषक तत्वों से बिना मिट्टी के उगाया जाता है.

कुछ महीनों में इस तरह की घटना सामने आई है

हाल के महीनों में हैदराबाद एयरपोर्ट पर ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं. पिछले सालों में भी बैंकॉक और दुबई से आने वाली फ्लाइटों पर हाइड्रोपोनिक गांजा की कई खेप पकड़ी गईं, जैसे अगस्त 2025 में 13.3 किलो और अक्टूबर 2025 में 4.15 किलो. डीआरआई के हैदराबाद और चेन्नई जोनल यूनिट की संयुक्त सूचना पर यह ऑपरेशन सफल रहा. अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और तस्करी के नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है.

यह घटना नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत है. डीआरआई और अन्य एजेंसियां हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ा रही हैं ताकि ऐसी अंतरराष्ट्रीय साजिशों को रोका जा सके. आगे की जांच से और खुलासे होने की उम्मीद है.



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