हैदराबाद: बाढ़ में बहे युवक का 85 किमी दूर मिला शव, चचेरा भाई अब भी लापता


तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 13 सितंबर को हुई भारी बारिश के बाद मूसलाधार वर्षा ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया था. इस आपदा में लापता हुए दो युवकों में से एक का शव गुरुवार (18 सितंबर, 2025) को यदाद्री भुवनागिरि जिले के वलीगोंडा मंडल के संगम बीमा लिंगम कटवा के पास मूसी नदी के तेज बहाव से टकराते हुए बरामद हुआ. 

मृतक की पहचान हैबीब नगर के अर्जुन (26) के रूप में हुई है, जिनका शव लगभग 85 किलोमीटर दूर बहकर पहुंचा. डिसास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (डीआरएफ) की टीमों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि उनके रिश्तेदार रामू (25) की तलाश अभी जारी है.

कुर्सी को पकड़ने की कोशिश में फिसला अर्जुन

घटना रविवार रात करीब 9 बजे अफजल सागर नाला क्षेत्र के मंगार बस्ती में घटी. भारी वर्षा से उफनते नाले के पानी में बहते एक कुर्सी को पकड़ने की कोशिश में अर्जुन फिसल गए. उन्हें बचाने उतरे चचेरे भाई रामू भी तेज बहाव में बह गए. डीआरएफ, हाइड्रा और जीएचएमसी की संयुक्त टीमों ने सोमवार से ही तलाश अभियान शुरू किया था, लेकिन मूसी नदी के उफान ने कार्यों को कठिन बना दिया. 

डीआरएफ अधिकारियों ने परिवार को सूचना देकर शव की पहचान कराई. अर्जुन की पत्नी शकुंतला, जो अपने कुछ माह के बच्चे के साथ सदमे में हैं, ने बताया, ‘वह बस फिसल गया और गायब हो गया. हमारी जिंदगी थम सी गई है.’

हैदराबाद में भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न

यह घटना हैदराबाद की पुरानी बाढ़ समस्या को फिर उजागर करती है. रविवार की बारिश में शहर के कई इलाके जैसे नामपल्ली, अफजल सागर, पारसीगुट्टा, शेखपेट, मणिकोंडा, गोलकोंडा, मेहदीपट्टनम, तोली चौकी, लकी का पुल, जूबली हिल्स, फिल्म नगर, सोमाजिगुड़ा, पंजगुट्टा और अमीरपेट जलमग्न हो गए.

तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी (टीजीडीपीएस) के अनुसार, कुछ घंटों में 12 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे सड़कें नदियां बन गईं. पारसीगुट्टा में एक दीवार ढहने से सनी नामक व्यक्ति भी बह गए, जिनका शव अभी बरामद नहीं हुआ. विनोबा नगर कॉलोनी के निवासियों ने बताया कि संकरी नालियां अवरुद्ध होने से पानी सड़कों पर फैल गया.

सीएम रेवंत रेड्डी ने टीम को दिया निर्देश

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तत्काल राहत के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी और डीआरएफ की तीन टीमों को अतिरिक्त तैनात किया. इंडियन मीटियारोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) ने 19 सितंबर तक हल्की से मध्यम वर्षा की चेतावनी जारी की है. विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध निर्माण, जल निकासी की लापरवाही और नालों में कचरा जमा होना इस संकट का मूल कारण है.

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