‘हॉर्मुज स्ट्रेट और पर्शियन गल्फ में बारूद बिछा देंगे’, ट्रंप के अल्टीमेटम पर भड़का ईरान, खौफ में दुनिया!


मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने समुद्री रास्तों पर बारूद बिछाने की चेतावनी दी है. ईरान की डिफेंस काउंसिल ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी पर हमला होता है, तो वे पूरे पर्शियन गल्फ और हॉर्मुज स्ट्रेट में माइन बिछा देंगे, जिससे इन समुद्री मार्गों का उपयोग करना असंभव हो जाएगा. अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कहा कि वह अपने तटों और द्वीपों की रक्षा के लिए किसी भी हमले का जवाब देगा.

IRGC की अमेरिका को चेतावनी

पर्शियन गल्फ मिडिल ईस्ट में स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है. होर्मुज स्ट्रेट ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी के लिए काफी महत्वपूर्ण और रणनीतिक समुद्री मार्ग हैं. होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान/यूएई के बीच है, जो पर्शियन गल्फ को अरब सागर से जोड़ता है. इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने कहा कि अगर उसके पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाता है तो वह सीधा जवाब देगा.

फारस न्यूज एजेंसी की ओर से जारी एक बयान में IRGC ने कहा, ‘अगर हमारा पावर सप्लाई बाधित हुआ तो हम भी इसका बदला लेंगे. IRGC ने कहा कि बिजली नेटवर्क को निशाना बनाने से अस्पतालों, आपातकालीन केंद्रों, वॉटर सिस्टम जैसी सुविधाएं बाधित होंगी. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान आसपास देशों में इजरायली पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी ढांचे पर हम हमला करके जवाब देगा. इसके अलावा अमेरिकी हितों से जुड़ी आर्थिक और और ऊर्जा संपत्तियों को भी निशाना बनाया जाएगा.

ग्लोबल ऑयल शिपमेंट के लिए होर्मुज महत्वपूर्ण

ईरान की ओर से ये चेतावनी ऐसे समय में दी गई है जब ग्लोबल ऑयल शिपमेंट के लिए एक जरूरी समुद्री मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव बढ़ रहा है. ईरान की सेना ने पहले ही कहा है कि अगर अमेरिकी ईरानी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करता है तो वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अनिश्चित काल के लिए बंद करने को तैयार है.

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कहा कि ईरान ने इस स्ट्रेटजिक समुद्री मार्ग को बंद नहीं किया है. उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही में आ रही कमी का मुख्य कारण बीमा कंपनियों में व्याप्त युद्ध का भय है, जिसकी वजह से शिपिंग कंपनियां इस क्षेत्र से गुजरने में संकोच कर रही हैं. अराघची ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है.

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