होर्मुज से पाकिस्तान का तेल टैंकर गुजरेगा या नहीं? जंग के बीच ईरान ने लिया बड़ा फैसला


ईरान ने एक पाकिस्तानी कर्मिशयल तेल टैंकर को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अपने हिस्से से गुजरने की अनुमति दी है. पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन (पीएनएसी) के प्रवक्ता फारूक निजामी ने बताया कि लगभग 1,09,990 टन कच्चा तेल लाने वाला जहाज ‘एमटी कराची’ बुधवार (18 मार्च 2026) को कराची बंदरगाह पहुंचेगा.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया पाकिस्तानी जहाज

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जारी जंग के कारण वाणिज्यिक समुद्री यातायात बाधित होने के बीच जहाज ने ईरानी अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर लिया. निजामी ने बताया कि तेल टैंकर ने 15 मार्च को होर्मुज को पार किया. अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से ईरान और ओमान के बीच संकरे समुद्री रास्ते में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं.

मिडिल ईस्ट जंग से बढ़ी पाकिस्तान की मुश्किलें

मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद सरकार ने दो महीने के लिए सख्त अस्टेरिटी पैकेज लागू करने की घोषणा की है. मिडिल ईस्ट का संकट ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर है. अफगानिस्तान से युद्ध और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के साथ लगातार लड़ाई ने इसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

PAK सरकार ने कई मोर्चों पर कटौती की घोषणा की

पाकिस्तान के लिए हालात इतने खराब हैं कि उसे अपनी बची-खुची अर्थव्यवस्था को भी बचाना होगा. इस्लामाबाद ने अब अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए कई कदम उठाए हैं और कई मोर्चों पर कई कटौतियों की घोषणा की है. केंद्रीय और प्रांतीय सरकारी विभागों में सरकारी गाड़ियों को 60 फीसदी तक सड़क से दूर रखने का फैसला किया गया है. सरकारी ऑफिस में ग्रेड-20 के अधिकारी जो 3,00,000 रुपये से ज्यादा कमाते हैं, उनसे अपनी मर्जी से दो दिन की सैलरी छोड़ने को कहा गया है. हालांकि, यह स्वास्थ्य और शिक्षा सेक्टर के लोगों पर लागू नहीं होता है.

पाकिस्तान में संसद और विधायक की सैलरी में कटौती

सरकार ने प्रांतीय और केंद्रीय सदन के सदस्यों को दो महीने के लिए सैलरी और अलाउंस में 25 फीसदी की कटौती करने का भी निर्देश दिया है. पाकिस्तान सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है, वह है सरकारी गाड़ियों के लिए पेट्रोलियम प्रोविजन को 50 फीसदी कम करना.कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों, प्रधानमंत्री के स्पेशल असिस्टेंट और सलाहकारों को दो महीने तक अपनी पूरी सैलरी नहीं लेनी होगी. केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के गैर-जरूरी खर्च में 20 फीसदी की कटौती की जाएगी. अधिकारियों को अब बिजनेस क्लास में यात्रा नहीं करनी होगी.

सरकारी ऑफिसों में नहीं खरीदे जाएंगे नए सामान

मंत्री, सांसद और अधिकारी सिर्फ जरूरी विदेश यात्राएं ही कर सकते हैं. सरकारी ऑफिसों के लिए नए टिकाऊ सामान की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. आईटी खरीद के लिए जांच के बाद सीमित खरीद को छूट दी गई है. सरकारी डिपार्टमेंट में अब सभी मीटिंग वर्चुअल होंगी.यह फैसला यात्रा और रहने की लागत दोनों को कम करने के लिए लिया गया है.

बैंकिंग सेक्टर और जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर, सभी सरकारी ऑफिस हफ्ते में सिर्फ चार दिन ही खुलेंगे. सरकारी सेमिनार, ट्रेनिंग सेशन और कॉन्फ्रेंस आयोजित करने से पहले उनकी पहले से जांच और मंजूरी लेनी होगी. पाकिस्तान सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के लिए भी ऐसी ही गाइडलाइंस जारी करने की सलाह दी है.

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