जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने अमेरिका के साथ मजबूत रिश्तों की बात कही है. उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात से बेहद नाराज हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा में मदद की अपील पर जापान और अन्य देशों ने उन्हें समर्थन नहीं दिया.
ताकाइची ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की. उन्होंने ट्रंप से कहा कि जापान, ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विकास का विरोध करता है. उन्होंने ट्रंप से कहा, ‘पश्चिम एशिया और अब दुनियाभर में सुरक्षा संबंधी माहौल बहुत गंभीर है लेकिन इसके बावजूद मेरा दृढ़ विश्वास है कि डोनाल्ड, सिर्फ आप ही पूरी दुनिया में शांति स्थापित कर सकते हैं.’
ट्रंप ने भी जापानी प्रधानमंत्री की तारीफ की और ताकाइची को लोकप्रिय और ताकतवर महिला बताया. हालांकि, जब ईरान युद्ध को लेकर जापान के समर्थन पर पत्रकारों ने बार-बार सवाल किए तो दोनों नेताओं के बीच कुछ तनाव भी नजर आया.
अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ‘ओवल ऑफिस’ में बंद कमरे में बैठक से पहले ताकाइची के साथ करीब 30 मिनट की सार्वजनिक मौजूदगी के दौरान जब ट्रंप सवालों का जवाब दे रहे थे, तब ताकाइची अपनी घड़ी देखती हुईं नजर आईं. इसके बाद जब ट्रंप से पूछा गया कि ईरान पर हमलों से पहले अमेरिका ने जापान जैसे सहयोगियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी तो उन्होंने 1941 में पर्ल हार्बर पर जापान के हमले का जिक्र करते हुए विशेष रूप से असहज करने वाली टिप्पणी की.
ट्रंप ने मजाक में कहा, ‘हमने इसके बारे में किसी को नहीं बताया क्योंकि हम चौंकाना चाहते थे. चौंकाने के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है? आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?’ ट्रंप के ऐसा कहते ही ताकाइची के चेहरे पर दिख रही हल्की मुस्कान गायब होती दिखी और उन्होंने अपनी भौंहें उठा लीं लेकिन शाम को उस समय दोनों मुस्कुराते नजर आए, जब ट्रंप ने जेपनीज प्राइम मिनिस्टर के सम्मान में अपने कार्यालय में रात्रिभोज का आयोजन किया.
ट्रंप ने कहा, ‘आप एक शानदार महिला हैं और व्हाइट हाउस में आपका स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है.’ ताकाइची ने दोनों नेताओं को सबसे अच्छे दोस्त बताया और फिर अंग्रेजी में कहा, ‘जापान वापस आ गया है.’ इससे पहले गुरुवार (19 मार्च, 2026) को पांच यूरोपीय देशों और जापान के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य पर वाणिज्यिक नौवहन को रोकने वाले हमले बंद करने की मांग करते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त प्रयासों में योगदान देने को तैयार हैं कि पोत इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर सकें. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस बयान का क्या अर्थ है.
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वह ताकाइची के साथ अपनी बैठक में ईरान युद्ध में अमेरिका के लिए जापान के समर्थन के स्तर पर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा, ‘वे वास्तव में आगे आ रहे हैं.’ उन्होंने इसके बारे में और कोई विवरण नहीं दिया. ट्रंप ने बाद में कहा कि जापान जिस तेल पर निर्भर करता है उसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. उन्होंने कहा, ‘इसलिए उनके आगे आने की यह एक बड़ी वजह है.’
उन्होंने जापान में अमेरिका के खर्च और वहां तैनात सैनिकों की संख्या का भी जिक्र किया. ट्रंप ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि जापान आगे आएगा क्योंकि हमारे बीच इस तरह का रिश्ता है.’ ट्रंप से मुलाकात के बाद ताकाइची ने पत्रकारों से कहा कि दोनों इस बात पर सहमत हुए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च महत्व का विषय है लेकिन उन्होंने ट्रंप को विस्तार से बताया कि जापान अपने कानून के तहत क्या कर सकता है और क्या नहीं कर सकता.
इससे पहले, ट्रंप ने इस सप्ताह कई बार शिकायत की थी कि जापान सहित अमेरिकी सहयोगी होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में मदद करने के उनके अनुरोध पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, बाद में उन्होंने कहा कि इस मदद की जरूरत नहीं है लेकिन अपनी अन्य टिप्पणियों से यह संकेत भी दिया कि वह अब भी मदद की अपेक्षा रखते हैं.
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