13,000 करोड़ के ड्रग मामले में फरार वांटेड तस्कर लाया गया भारत, जानें इंटरपोल की मदद से कैसे दबोचा गया


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दुबई पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में आरोपी रितिक बजाज को करीब एक महीने पहले गिरफ्तार किया था. सूत्रों के मुताबिक, रितिक जैसे ही थाईलैंड से दुबई पहुंचा, उसे हिरासत में ले लिया गया. आरोपी रितिक बजाज के खिलाफ पहले से ही इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा था, जिसके आधार पर दुबई पुलिस ने ये कार्रवाई की थी.

ये मामला पिछले साल 2024 के अक्टूबर महीने में तब सामने आया था, जब दिल्ली और गुजरात से करीब 13,000 करोड़ रुपये की कोकीन और लगभग 50 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया था. इस केस में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. रितिक बजाज भी इसी चार्जशीट में एक नामजद आरोपी है.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर वीरेंद्र बसोया है, जो फिलहाल दुबई में बताया जा रहा है. इंटरपोल ने इस मामले में उसके बेटे ऋषभ बसोया के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा है. वहीं, भारतीय एजेंसियां इस नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए लगातार दुबई पुलिस के संपर्क में थी.

ऑपरेशन में MEA, गृह मंत्रालय और इंटरपोल का रहा अहम सहयोग

रितिक बजाज को मंगलवार (23 दिसंबर, 2025) को दुबई से डिपोर्ट कर भारत लाया गया. उसे नई दिल्ली लाकर दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है. सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन में विदेश मंत्रालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय और इंटरपोल का अहम सहयोग रहा.

दिल्ली पुलिस काफी समय से आरोपी रितिक की तलाश कर रही थी. आरोप है कि वो ड्रग्स की तस्करी और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में पूरी तरह से सक्रिय था और अपराध के बाद देश से फरार हो गया था. जांच के दौरान यह पता चला कि रितिक दुबई में छिपकर रह रहा था और वहीं से अपनी गतिविधियां चला रहा था. उसकी लोकेशन ट्रेस करने में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) दिल्ली की भी अहम भूमिका रही. NCB से मिले इनपुट के आधार पर एजेंसियों को उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई. जिसके बाद उसे पकड़ने की प्रक्रिया तेज की गई.

ड्रग्स तस्कर को वापस लाने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम गई थी दुबई

दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर CBI ने 9 अक्टूबर, 2025 को इंटरपोल के जरिए रितिक बजाज के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया था. इसके बाद इंटरपोल के बैंकॉक और अबू धाबी स्थित नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के साथ लगातार समन्वय बनाया गया. इसी तालमेल का नतीजा रहा कि आरोपी पर नजर रखी जा सकी और आखिरकार उसे भारत लाया गया.

रितिक बजाज को भारत लाने के लिए दिल्ली पुलिस की एक टीम दुबई गई थी, जो मंगलवार (23 दिसंबर, 2025) को उसे लेकर नई दिल्ली पहुंची. अब आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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