80% बर्फ से ढंके द्वीप पर आर्मी भेजने को तैयार अमेरिका, क्या वेनेजुएला जैसा हाल होगा, ट्रंप को ग्रीनलैंड क्यों चाहिए?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा जाहिर की है. वे कहते हैं कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है. वेनेजुएला में हाल ही में हुए मिलिट्री ऑपरेशन के बाद ट्रंप की यह बात अब ज्यादा गंभीरता से ली जा रही है, जहां अमेरिकी फोर्सेस ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया.

ग्रीनलैंड हासिल करने के लिए सैन्य कार्रवाई भी विकल्प

ट्रंप ने कहा कि हमको ग्रीनलैंड बिल्कुल चाहिए. व्हाइट हाउस ने मंगलवार को साफ किया कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए सैन्य कार्रवाई भी की जा सकती है. व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा, ‘कोई भी अमेरिका से ग्रीनलैंड के भविष्य पर लड़ाई नहीं लड़ेगा.’ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ‘आयरन लॉ’ कहा, जो ताकत और पावर पर आधारित दुनिया में काम नहीं करते.

अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड बेहद जरूरी क्यों है?

ग्रीनलैंड आर्कटिक में एक बड़ा, बर्फीला द्वीप है, जो डेनमार्क का सेमी-ऑटोनॉमस टेरिटरी है. यहां की रणनीतिक अहमियत बहुत ज्यादा है. क्योंकि,

  • अटलांटिक समुद्री रास्तों की सुरक्षा.
  • मिसाइल डिटेक्शन के लिए बेस.
  • पिघलती बर्फ से नए शिपिंग रूट्स खुल रहे हैं.
  • तेल, गैस और दुर्लभ मिनरल्स (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) भरपूर हैं, जिनमें चीन और रूस की दिलचस्पी है.

ट्रंप राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल में भी ग्रीनलैंड खरीदने की बात कर चुके थे, लेकिन तब इसे मजाक समझा गया था. अब वेनेजुएला में सफलता के बाद यह गंभीर हो गया है. ट्रंप ने लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए स्पेशल एनवॉय बनाया है.

हेमिस्फेयर पर पूरा कंट्रोल चाहते ट्रंप

3 जनवरी 2026 को अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने वेनेजुएला में छापेमारी करके मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले आए. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को ‘रन’ कर रहा है. वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 50 मिलियन बैरल तक सैंक्शन वाले तेल अमेरिका को देगी, जिसकी कमाई ट्रंप अमेरिकी और वेनेजुएला के लोगों के लिए इस्तेमाल करेंगे.

ट्रंप ने इसे 21वीं सदी का एम्पायर बिल्डिंग प्रोजेक्ट बताया. वे वेस्टर्न हेमिस्फियर पर पूरा कंट्रोल करना चाहते हैं. यह 19वीं सदी के अमेरिकी राष्ट्रपतियों जैसा लगता है, जैसे जेफरसन ने लुइसियाना खरीदा या विलियम मैकिनले ने हवाई को जोड़ा था.

ग्रीनलैंड पर यूरोपीय देशों ने क्या कहा?

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिकसेन ने कहा, ‘ग्रीनलैंड उसके लोगों का है.’ उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी बल प्रयोग NATO को खत्म कर देगा और अमेरिका-यूरोप रिश्ते टूट जाएंगे. फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, इटली, पोलैंड और स्पेन समेत कई यूरोपीय देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ग्रीनलैंड की संप्रभुता का समर्थन किया.

कनाडा के प्रधानमंत्री ने भी ग्रीनलैंड के लिए हाई-लेवल टीम भेजने की बात कही है.

अमेरिकी नीतियों में बड़े बदलाव मुमकिन

CNN के स्टीफन कोलिंसन कहते हैं कि अमेरिका पहले से ही NATO के तहत ग्रीनलैंड में बेस रखता है. खरीदने या कब्जे की जरूरत नहीं, लेकिन ट्रंप पूरा कंट्रोल चाहते हैं.

रिटायर्ड एडमिरल जेम्स स्टाव्रिडिस ने कहा, ‘यह NATO का अंत होगा.’ तो वहीं, सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा, ‘अब ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा है, इसे गंभीरता से लेना होगा.’

बहरहाल, ग्रीनलैंड खरीदने के लिए कांग्रेस, यूरोपीय यूनियन और डेनमार्क की मंजूरी चाहिए. इस डील की लागत सैकड़ों अरब डॉलर होगी. फिलहाल कोई तत्काल मिलिट्री एक्शन नहीं दिख रहा, लेकिन ट्रंप की सफलता ने दुनिया को चिंतित कर दिया है. यह अमेरिकी विदेश नीति में बड़ा बदलाव दिखाता है.



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