9 स्पेस वॉक, 3 मिशन, अंतरिक्ष में 608 दिन… 27 साल बाद नासा से रिटायर हुईं सुनीता विलियम्स


भारतीय मूल की नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 सालों के शानदार करियर के बाद सेवानिवृत्ति ले ली है. नासा ने मंगलवार (20 जनवरी) को घोषणा की कि उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर, 2025 से प्रभावी हो गई है.

सुनीता विलियम्स की विरासत की सराहना करते हुए नासा के अधिकारी जेरेड आइज़ैकमान ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान की नेता बताया. उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उनके योगदान ने चंद्रमा पर आर्टेमिस मिशन और मंगल ग्रह की भविष्य की यात्राओं की नींव को मजबूत किया है और उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी.

क्या बोले नासा के अधिकारी
नासा के प्रशासक ने कहा, “सुनी विलियम्स मानव अंतरिक्ष उड़ान में अग्रणी रही हैं, उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने नेतृत्व के माध्यम से भविष्य को आकार दिया है और लो पृथ्वी कक्षा में वाणिज्यिक मिशनों के लिए रास्ता तैयार किया है.” 

नासा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आइज़ैकमान ने कहा, “विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में उनके योगदान ने चंद्रमा पर आर्टेमिस मिशन और मंगल ग्रह की ओर प्रगति की नींव रखी है, और उनकी असाधारण उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और संभावनाओं की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी. आपकी इस शानदार सेवानिवृत्ति पर हार्दिक बधाई. नासा और हमारे राष्ट्र के प्रति आपकी सेवा के लिए धन्यवाद.”

सुनीता विलियम्स के नाम दर्ज रिकॉर्ड
सुनीता विलियम्स का 1998 में नासा में चयन हुआ था. उन्होंने अपने 3 मिशनों में कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए, जो किसी भी नासा अंतरिक्ष यात्री के लिए दूसरा सबसे लंबा समय है. वो अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ 286 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा करके सबसे लंबी अंतरिक्ष उड़ान भरने वाले अमेरिकियों में छठे स्थान पर भी हैं. विलियम्स ने 9 स्पेस वॉक पूरे किए, जिनकी कुल अवधि 62 घंटे और 6 मिनट थी, जो किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री के सबसे अधिक और नासा के इतिहास में चौथा सबसे लंबा स्पेस वॉक है. वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति भी थीं.

कब पूरा हुआ लास्ट मिशन
उन्होंने पहली बार दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी पर एक्सपेडिशन 14/15 के हिस्से के रूप में उड़ान भरी थी. उनका दूसरा मिशन जुलाई 2012 में शुरू हुआ, जब उन्होंने एक्सपेडिशन 32/33 के लिए कजाकिस्तान से उड़ान भरी और बाद में अंतरिक्ष स्टेशन कमांडर के रूप में कार्य किया. उनका लास्ट मिशन जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर पर था, जिसके बाद वो एक्सपेडिशन 71/72 में शामिल हुईं और उन्होंने मार्च 2025 में पृथ्वी पर लौटने से पहले एक बार फिर अंतरिक्ष स्टेशन कमांडर (ISS) की कमान संभाली.

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