रूस के कदम से चिढ़ा अमेरिका! ट्रंप ने परमाणु हथियारों को लेकर दे डाला बड़ा आदेश, 33 सालों बाद होगा ऐसा



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने परमाणु हथियारों को लेकर बड़ा आदेश दिया है. रूस के साथ चल रहे विवाद के बीच ट्रंप के मंत्रालय ने परमाणु हथियारों की टेस्टिंग का फैसला किया है. अहम बात यह भी है कि यह टेस्टिंग रूस और चीन के परमाणु हथियारों के बराबर होगी. ट्रंप ने इस मसले को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं.

ट्रंप ने गुरुवार (30 अक्टूबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने इसके जरिए कहा, ”अमेरिका के पास दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा परमाणु हथियार हैं. यह उपलब्धि मेरे पहले कार्यकाल के दौरान हासिल की गई थी, जिसमें मौजूदा हथियारों का पूरा अपडेट किया गया. इन हथियारों की खतरनाक शक्ति के कारण मुझे यह काम करना पसंद नहीं था, लेकिन मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था!”

चीन-रूस के बराबर होगी अमेरिका के परमाणु हथियारों की टेस्टिंग

उन्होंने रूस का भी जिक्र किया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”रूस दूसरे स्थान पर है और चीन काफी पीछे तीसरे स्थान पर है. हालांकि चीन अगले पांच सालों के अंदर बराबरी पर पहुंच सकता है. अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों को देखते हुए, मैंने रक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे हमारे परमाणु हथियारों की टेस्टिंग उनकी बराबरी पर करें. यह प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी.”

अमेरिका 33 सालों बाद शुरू करेगा परमाणु हथियारों का परीक्षण

अहम बात यह भी है कि अमेरिका ने 1992 से अभी तक परमाणु हथियारों की टेस्टिंग को खुद ही रोक रखा था, लेकिन अब करीब करीब 33 सालों के बाद वह फिर से टेस्टिंग शुरू करेगा.

बता दें कि रूस ने 21 अक्टूबर को न्यूक्लियर पावर्ड मिसाइल का टेस्ट किया था. ट्रंप ने इसे गलत ठहराया था. उन्होंने कहा था कि व्लादिमीर पुतिन मिसाइल टेस्टिंग की जगह युद्ध रोकने के मामले पर काम करें. ट्रंप ने यूक्रेन के साथ चल रही उसकी जंग पर कहा कि इस पर ध्यान देने की जरूरत है.





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