Pakistan Hindu Devotees: पाकिस्तान ने 12 भारतीय हिंदुओं को वाघा बॉर्डर पर रोका, नहीं दी सिखों के साथ जाने की इजाजत



गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सोमवार (3 नवंबर 2025) को भारत से सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था पाकिस्तान रवाना हुआ था. हर साल की तरह इस बार भी करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब गुरुद्वारा में दर्शन के लिए यह जत्था भेजा गया था, लेकिन इस बार पाकिस्तान ने हिंदू श्रद्धालुओं को जत्थे के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं दी.

अधिकारियों के मुताबिक, सिख जत्थे में शामिल 12 हिंदू श्रद्धालुओं को पाकिस्तानी इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक दिया. वाघा बॉर्डर पर तैनात पाकिस्तानी अधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह जत्था केवल सिख श्रद्धालुओं के लिए है. हिंदू नागरिकों को पाकिस्तान में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती. इसके बाद भारतीय अधिकारियों को उन सभी 12 श्रद्धालुओं को बॉर्डर से वापस भेजना पड़ा.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार सिख जत्था गया था पाकिस्तान

यह यात्रा खास इसलिए भी थी क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला मौका था, जब भारत से सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान गया था. इस ऑपरेशन के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ गया था, लेकिन बावजूद इसके भारतीय श्रद्धालुओं को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में शामिल होने की अनुमति दी गई थी.

भारत ने जताई नाराजगी

भारतीय अधिकारियों ने इस घटना पर नाराजगी जताई और इसे धार्मिक भेदभाव का उदाहरण बताया. अधिकारियों ने कहा कि भारत ने कभी किसी देश के श्रद्धालुओं के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया है. यह घटना भारत-पाकिस्तान के धार्मिक यात्राओं के समझौते की भावना के खिलाफ है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के तीर्थयात्रियों को आने-जाने की अनुमति देते हैं. पाकिस्तान की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान धार्मिक यात्राओं को भी राजनीति का हिस्सा बना रहा है?

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