कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जारी अटकलों के बीच बुधवार (26) को कहा कि वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी से चर्चा के बाद इस मामले का समाधान करेंगे. खरगे का यह बयान ऐसे समय में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस के भीतर शक्ति संघर्ष तेज हो गया है.
कर्नाटक राजनीति पर क्या बोले खरगे?
कर्नाटक की राजनीतिक परिस्थिति को लेकर उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी और राहुल गांधी से चर्चा करूंगा…फिर इस मुद्दे का समाधान किया जाएगा.’’ 20 नवंबर को कांग्रेस सरकार के अपने पांच वर्षीय कार्यकाल के ढाई साल पूरा होने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है, क्योंकि 2023 में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच कथित सत्ता साझेदारी समझौते का दावा किया जा रहा है.
कर्नाटक को लेकर कांग्रेस का सीक्रेट डील
सिद्धरमैया ने हाल ही में कहा था कि वह पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे और भविष्य में राज्य का बजट पेश करना जारी रखेंगे. डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा था कि वह मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर बात नहीं करना चाहते, क्योंकि यह पार्टी में चार-पांच लोगों के बीच एक सीक्रेट डील है और उन्हें अपनी अंतरात्मा पर भरोसा है.
इस सीक्रेट डील की चर्चा हाल के महीनों में बढ़ी है, क्योंकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंत्रिमंडल में फेरबदल का जिक्र किया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी लोगों का कहना है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ था. उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से जुड़े विधायक पार्टी नेतृत्व से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं.
‘कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन कोई ऐसा मुद्दा नहीं’
सिद्धारमैया ने हाल ही में कहा था कि इस मुद्दे पर आलाकमान का फैसला उन पर और शिवकुमार सहित सभी पर लागू होगा. उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं से इस भ्रम को खत्म करने को कहा था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार (25 नवंबर 2025) को कहा कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन कोई ऐसा मुद्दा नहीं है कि जिस पर सार्वजनिक रूप से चर्चा की जाए.