दिव्यांगों का मजाक बनाने वाले 5 कॉमेडियंस को सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सफल दिव्यांगजनों को शो में बुलाकर समाज को दें सकारात्मक संदेश



सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना से कहा है कि वह अपने प्लेटफार्म पर ऐसे दिव्यांग व्यक्तियों को बुलाएं जिन्होंने किसी क्षेत्र में सफलता हासिल की है. इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा ऐसे कार्यक्रम से जमा राशि का इस्तेमाल दिव्यांग व्यक्तियों के उपचार के लिए हो कोर्ट ने ऐसा ही निर्देश 4 और कॉमेडियंस – विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर को भी दिया है.

कोर्ट में दायर एक याचिका में शिकायत की गई थी कि इन लोगों ने दिव्यांगों का मजाक बनाने वाले कार्यक्रम किए हैं. यह याचिका स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए काम लड़ने वाली संस्था क्योर एसएमए फाउंडेशन नाम की संस्था ने दाखिल की थी मामले को सुनते हुए कोर्ट ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने का लाइसेंस नहीं है हास्य के नाम पर कमजोर वर्गों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता.

पिछली 2 सुनवाई में कोर्ट ने सभी कॉमेडियनों व्यक्तिगत रूप से तलब किया था इन सभी लोगों ने अपनी हरकत के लिए खेद जताया था. अब कोर्ट ने उनसे समाज में अच्छा संदेश देने को कहा है बुधवार, 27 नवंबर को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि समय रैना समेत बाकी कॉमेडियंस ने अपनी गलती मानी है कोर्ट भी उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करना चाहता, लेकिन यह माफी हमेशा अपमान के अनुपात में ही होनी चाहिए.

कोर्ट ने कहा है कि यह सभी कॉमेडियन अपने प्लेटफॉर्म्स पर दिव्यांगजनों (specially abled) लोगों को आमंत्रित करें और उनकी सफलता की कहानियां पेश करें ऐसे कार्यक्रम हर महीने दो बार आयोजित किए जाने जाएं. इससे दिव्यांगों, खास तौर पर स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों के महंगे के लिए फंड जुटाया जा सकेगा.

मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी चीफ जस्टिस ने उम्मीद जताई कि अगली सुनवाई से पहले कुछ यादगार कार्यक्रम जरूर आयोजित होंगे कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि वह अनुसूचित जाति और जनजाति को अपमान और उत्पीड़न से संरक्षण देने वाले कानून की तरह दिव्यांगों के लिए भी कोई विशेष कानून लाने पर विचार करे.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *