’27वां फ्लोर, कमरा नंबर 1 और बंद खिड़कियां…’, हांगकांग में लगी आग से बचे लोगों ने बताई खौफनाक मंजर की कहानी



हांगकांग में एक बहुमंजिला आवासीय परिसर में लगी भीषण आग में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 279 लोग अब भी लापता हैं. जैस-जैसे आग भड़कती गई वहां के निवासी अगर छोड़कर भागने लगे. लोगों ने कहा कि वे बेघर हो गए हैं और अब उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आगे क्या करें.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई खौफनाक कहानी

पुलिस जांच से पता चला कि इमारतों पर लगाए गए सुरक्षात्मक जाल, वाटरप्रूफ कैनवास और प्लास्टिक की चादरें आवश्यक फायर प्रूफ स्टैंडर्ड पर खरी नहीं उतरी होंगी, जिस वजह से आग लग गई. स्थानीय निवासी शर्ली चैन ने कहा कि यह दृश्य असहनीय रूप से दुखद था. उन्होंने कहा, “कल्पना कीजिए एक घर जलकर राख हो गया हो. किसी का भी दिल टूट जाएगा. मैं इसे समझ सकती हूं. यह सचमुच दिल दहला देने वाला है. मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती.”

कई लोगों को पता ही नहीं चला कि उनके घर में लगी आग

न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक 65 वर्षीय एक बुजुर्ग ने बताया, “मैं यहां 40 साल से ज्यादा समय से रह रहा हूं. हमारा ये मोहल्ला बुजुर्गों से भरा हुआ है, जिसमें से कई लोग व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते हैं. आग ने उन सभी परिवारों को बेघर कर दिया. कई घरों की खिड़कियां बंद था इसलिए उन लोगों को पता ही नहीं चला कि उनके घर में आग लगी है. पड़ोसियों ने उन्हें फोन कर घर से निकलने को कहा. मैं पूरी तरह से टूट चुका हूं.”

बाथरूम में छिपकर लोगों ने बचाई जान

एक अन्य स्थानीय निवासी टोंग पिंगमून (74 साल) ने बताया कि उन्हें घर के भीतर धुएं की गंध महसूस हुई, लेकिन उन्होंने घर खाली नहीं किया. कुछ ही देर बाद एक एक दमकलकर्मी ने उनके घर पहुंचे और चेतावनी दी कि पड़ोस की इमारत में आग लग गई है. इसके बावजूद वे अपने घर नहीं निकले. अचानक स्थिति बिगड़ गई. जैसे-जैसे धुआं बढ़ता गया टोंग पिंगमून और उनकी पत्नी बाथरूम में छिप गए. 

उन्होंने बाथरूम के दरवाजे के नीचे की जगह को गीले तौलिए से बंद किया. उन्होंने वेंटिलेशन पंखा चालू किया और मदद के लिए पुकारा, जिसके बाद बचाव दल उनके पास पहुंचे. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया, “हम बहुत खुशकिस्मत थे. चारों और घना अंधेरा था. अगर हमें अकेले निकलना पड़ता तो हम बच नहीं पाते.”

बचाव दल का एक कर्मचारी 27वीं मंजिल के कमरा नंबर की तरफ दौड़ा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक उसने बताया, “मैं बचाव कार्य समाप्त होने तक घटनास्थल पर ही रहना चाहता था. मेरा दिल दहल रहा था. मुझे लगता है कि निर्माण संबंधी समस्याओं की वजह से ही ऐसी घटनाएं घट सकती है.”



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