पाकिस्तान ही नहीं पूरी दुनिया पूछ रही, जिंदा हैं या मारे गए इमरान? बेटे कासिम ने किससे और क्यों मांगी मदद, जानें



क्या पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जिंदा हैं और अगर जिंदा हैं तो फिर कहां हैं…क्या इमरान खान जेल में ही मार दिए गए…और अगर वो मारे गए तो उनकी डेड बॉडी कहा हैं…आखिर इमरान खान के साथ हुआ क्या है, ये सवाल फिलवक्त पूरे पाकिस्तान का सबसे बड़ा सवाल है, जिसका जवाब पाकिस्तान के हुक्मरानों को देना है. नमस्कार मैं हूं अविनाश और आप देख रहे हैं एबीपी लाइव.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल गए 845 दिन का वक्त बीत चुका है. 9 मई 2023 से ही वो रावलपिंडी की अदिला जेल में बंद हैं और 16 मई 2024 वो आखिरी तारीख थी, जब इमरान खान को सार्वजनिक तौर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोर्ट की पेशी के दौरान देखा गया था. इस बात को भी बीते डेढ़ साल का वक्त बीत चुका है. और तब से अब तक इमरान खान को किसी ने भी सार्वजिनक तौर पर देखा नहीं है. आखिरी बार सितंबर 2025 में भी इमरान खान की वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई थी. वो पेश भी हुए थे, लेकिन न तो उनकी आवाज साफ थी और न ही उनकी तस्वीर, जिसने इस बात को हवा देनी शुरू कर दी कि जेल में बंद इमरान खान के साथ ऑल इज वेल तो नहीं ही है.

इमरान से कई कोशिशों के बाद भी नहीं मिल पाया परिवार

इसके बाद से इमरान के परिवार ने कुल 8 कोशिशें कीं इमरान से जेल में मिलने के लिए. उनके पास अदालत का मार्च 2025 का वो आदेश भी था, जिसमें साफ तौर पर लिखा था कि परिवार के लोग महीने में दो बार इमरान से जेल में जाकर मिल सकते हैं. मुलाकात आधे घंटे की होगी और मुलाकातियों की अधिकतम संख्या 6 होगी. लेकिन जेल प्रशासन ने कभी भी अदालत के आदेश का पालन नहीं किया. अभी इसी साल 18 नवंबर को इमरान खान की तीन बहनें अलीमा खान, नोरीन नियाजी और डॉक्टर उज्मा खान इमरान से मिलने जेल पहुंची थीं. लेकिन जेल प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देकर तीनों को मिलने से रोक दिया. नतीजा ये हुआ कि तीनों बहने जेल के बाहर ही धरने पर बैठ गईं. खबर मिलते ही इमरान खान की पार्टी पीटीआई के हजारों समर्थक जेल के बाहर जमा हो गए. पुलिस ने लाठीचार्ज करके तीनों बहनों को हिरासत में ले लिया. तीनों की रिहाई के अगले ही हफ्ते पाकिस्तान में खबर फैलने लगी कि इमरान खान की जेल में ही हत्या कर दी गई है और उनकी बॉडी को जेल से बाहर निकालकर अज्ञात जगह पर दफ्न कर दिया गया है.

इस खबर की पुष्टि की अफगानिस्तान के एक अखबार ने, जिसने पाकिस्तानी सेना के हवाले से इमरान खान की मौत की बात कही. इसके बाद तो अलग-अलग सोशल मीडिया हैंडल से इमरान खान की मौत की बात कही जाने लगी और पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने लगे. ये प्रदर्शन अब भी हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों में खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को भी पाकिस्तानी सेना ने पीटकर घायल कर दिया है. और अब ये मामला फिर से इस्लामाबाद हाई कोर्ट पहुंच गया है, जहां इमरान खान की बहन अलीमा ने कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का केस दाखिल किया है.

पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं रह गया मसला

लेकिन अब ये मसला सिर्फ पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं रह गया है. क्योंकि इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में दखल देने की अपील की है. और उस अपील का पहला असर तो यही है कि अफगानिस्तान में अमेरिका के पूर्व राजदूत रह चुके जालिमे खलीलजादे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है पूरा पाकिस्तान बस इस बात को जानना चाहता है कि इमरान खान जेल में जिंदा हैं या नहीं. हालांकि रावलपिंडी का जेल प्रशासन कह रहा है कि इमरान खान ठीक हैं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह कह रहे हैं कि जेल में बंद इमरान इस्लामाबाद पर हमले का प्लान बना रहे हैं, इसलिए उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा. लेकिन अभी पाकिस्तान की सरकार की ओर से इमरान खान के जिंदा होने का कोई ऐसा सबूत पेश नहीं किया गया है, जिसपर किसी को भी भरोसा हो.





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