हैदराबाद में ड्रग्स ओवरडोज का सनसनीखेज मामला, चांद्रायणगुट्टा फ्लाईओवर के नीचे ऑटो में मिले दो युवकों के शव


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुराने शहर के चांद्रायणगुट्टा इलाके में मंगलवार (2 दिसंबर, 2025) की रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. फ्लाईओवर के नीचे खड़ी एक ऑटो रिक्शा में दो युवकों के सड़े-गले शव मिलने से सनसनी फैल गई. प्रारंभिक जांच में ड्रग्स इंजेक्शन के निशान मिलने के बाद पुलिस ने ओवरडोज को मौत का मुख्य कारण मान लिया है. मृतकों की पहचान 24 वर्षीय मोहम्मद जहांगीर और 25 वर्षीय इरफान के रूप में हुई, जो पिसलबंधा, पहाड़ीशरीफ के निवासी थे. जहांगीर संतोषनगर में रहता था, जबकि इरफान का परिवार पहाड़ीशरीफ में बसा है.

स्थानीय लोग बुधवार (3 दिसंबर, 2025) की सुबह रोमन होटल के सामने चांद्रायणगुट्टा मुख्य सड़क पर खड़ी हरे रंग की पैसेंजर ऑटो रिक्शा को संदिग्ध मानकर पास पहुंचे. अंदर झांका तो दो युवक बेहोशी की हालत में पड़े थे, जिनकी सांसें थम चुकी थीं. डरते-कंपते उन्होंने डायल 100 पर कॉल किया. चांद्रायणगुट्टा पुलिस थाने की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां शवों को बाहर निकाला गया. ऑटो के अंदर खाली इंजेक्शन सिरिंज, ड्रग्स के अवशेष और सुइयों के निशान मिले, जो ओवरडोज की ओर इशारा कर रहे थे. एक अधिकारी ने बताया कि दोनों के हाथों पर इंजेक्शन के स्पष्ट निशान थे. स्टेरॉयड्स या अन्य नशीले पदार्थों की अधिक मात्रा से कार्डियक अरेस्ट हुआ लगता है.

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

चांद्रायणगुट्टा पुलिस ने दोनों युवकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गांधी अस्पताल भेज दिया. फॉरेंसिक टीम ने ऑटो की जांच शुरू कर दी है, जिसमें ड्रग्स के सैंपल लैब भेजे गए. प्रारंभिक रिपोर्ट में ओपियम या सिंथेटिक ड्रग्स के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है. दिलचस्प बात यह है कि ऑटो ड्राइवर या तीसरे व्यक्ति का अभी तक पता नहीं चला. कुछ गवाहों के बयानों से संकेत मिले कि रात में तीन लोग ऑटो में थे, लेकिन एक भाग गया. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.

चांद्रायणगुट्टा SHO मोहम्मद शकील ने कहा, “हमने संदिग्ध मौत का केस दर्ज कर लिया है. ड्रग्स सप्लायर्स पर नजर है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.”

युवकों की मौत से परिवारों का बुरा हाल

परिवारों का बुरा हाल है. जहांगीर की मां फरजाना बेगम ने रोते हुए कहा कि बेटा मजदूरी करता था, कभी नशे की बात नहीं की. कल रात घर लौटा ही नहीं. जबकि इरफान के भाई ने कहा कि वो ऑटो चलाता था, दोस्तों के साथ घूमता था. हमें शक नहीं था.

पुराने शहर जैसे संतोषनगर, पहाड़ीशरीफ में नशीले इंजेक्शन सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं, जो युवाओं को ललचा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि स्टेरॉयड्स का गलत इस्तेमाल मसल्स बिल्डिंग के नाम पर जान ले रहा है.

तेलंगाना पुलिस की ईगल टीम ने हाल में कई छापेमारियां कीं, लेकिन जड़ें गहरी हैं. पुलिस ने ताजा मामलें में ड्रग्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है. अगर तीसरा व्यक्ति मिला, तो पूछताछ होगी. यह केस न सिर्फ परिवारों का दर्द बयां करता, बल्कि शहर की युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने की जरूरत पर जोर देता है.

यह भी पढ़ेंः मदनी के जिहाद वाले बयान पर गुस्से में आए गिरिराज सिंह, बोले- ‘इनकी जरूरत नहीं, इस्लामिक देश भेज दो’



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *