ED का बड़ा एक्शन, बीकानेर की अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट का अध्यक्ष सादिक खान अरेस्ट



ईडी ने अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट बीकानेर के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद सदीक उर्फ सादिक खान को गिरफ्तार किया है. सादिक पर पब्लिक डोनेशन की बड़ी रकम को अपनी मर्जी से इस्तेमाल करने, अवैध कैश नेटवर्क चलाने, विदेशों में संदिग्ध संपर्क रखने और कट्टरपंथ से जुड़े लोगों से रिश्ते रखने जैसे गंभीर आरोप हैं. 

जयपुर ED की टीम ने अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट (AET), बीकानेर के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद सदीक उर्फ सादिक खान को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है. ED ने बताया कि सादिक पर पब्लिक डोनेशन की बड़ी रकम को अपनी मर्जी से इस्तेमाल करने, अवैध कैश नेटवर्क चलाने, विदेशों में संदिग्ध संपर्क रखने और कट्टरपंथ से जुड़े लोगों से रिश्ते रखने जैसे गंभीर आरोप हैं. गिरफ्तारी के बाद सादिक को जयपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे 3 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है. अब 6 दिसंबर तक ED उससे आगे पूछताछ करेगी. 

ED ने ये जांच राजस्थान पुलिस की दो FIR और एक इनपुट के आधार पर शुरू की थी. आरोप है कि सादिक कट्टरपंथ फैलाने और जबरन धर्मांतरण में शामिल था. विदेशों में कई संदिग्ध संगठनों से उसका संपर्क था. उसके और परिवार के अकाउंट से करोड़ों के संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए. उस पर हत्या की कोशिश और अवैध हथियार रखने के केस भी दर्ज है. 

ED की जांच में सामने आया कि सादिक ने अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट बनाया, जिसके जरिए मस्जिद-ए-आयशा के लिए बड़ी मात्रा में कैश में डोनेशन जुटाए जाते थे, लेकिन इन डोनेशन्स का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था. पूरी रकम कैश में सादिक के पास रहती थी. इसी कैश का इस्तेमाल उसने विदेश यात्राओं, निजी खर्चों और अवैध गतिविधियों में किया. 

सादिक ने बिना किसी वैध आय के कई साल सिर्फ कैश-आधारित गैरकानूनी गतिविधियों जैसे जुआ, अवैध शराब कारोबार और देसी कट्टों की डीलिंग से पैसा कमाया. पुलिस ने पहले की कार्रवाई में उसके पास से 3 देशी कट्टे और जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे. जांच में सामने आया कि सदीक कई बार बांग्लादेश, नेपाल, कतर और ओमान गया. ये यात्राएं कैश में जुटाई गई रकम से की गई, जिनका कोई हिसाब नहीं था. 

बांग्लादेश में वो मोहम्मद सलीम उर्फ सौरभ वैद्य के संपर्क में रहा, जिसे एमपी ATS ने हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़े होने पर गिरफ्तार किया था. सादिक की मुलाकात जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के सदस्यों से भी हुई. जांच में ये भी आरोप है कि सादिक नेपाल होकर सीरिया के संघर्ष क्षेत्रों तक पहुंचना चाहता था, लेकिन इमिग्रेशन ने उसे रोक दिया. ED ने एक वीडियो की भी जांच की है जिसमें सादिक का भड़काऊ भाषण है. आरोप है कि ये भाषण समुदाय के बीच तनाव फैलाने के मकसद से दिया गया था. 

जांच में यह भी सामने आया कि सादिक की मौजूदगी में विदेशी देश का झंडा जलाया गया. ऐसी गतिविधियां करके वो माहौल भड़काता था. इसी माहौल का फायदा उठाकर वो अधिक कैश डोनेशन इकट्ठा करता था. ED के अधिकारियों के मुताबिक ये सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क पर बड़ी चोट है. सादिक की गिरफ्तारी उन छिपे हुए नेटवर्क्स को तोड़ने की दिशा में बड़ी कार्रवाई है जो धर्म और समाजसेवा की आड़ लेकर अवैध पैसों और कट्टरपंथी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे. ED की आगे की जांच जारी है. 



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