भारत में बनेगा बड़ा AI हब, माइक्रोसॉफ्ट ने खोला खजाना, जानें गूगल समेत कई कंपनियां यहां क्यों लगा रही दांव?


भारत में ग्लोबल टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट का एक नया युग शुरू होता दिख रहा है, यही कारण है कि दुनिया की सबसे प्रभावशाली कंपनियां हिंदुस्तान की डिजिटल और इनोवेशन क्षमता पर दांव लगा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंगलवार (9 दिसंबर 2025) को दुनिया की कई दिग्गज कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने मुलाकात की. इनमें इंटेल के सीईओ लिप-बू टैन, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला और कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार एस और उसकी भारतीय यूनिट के एमडी राजेश वरियर शामिल थे.

भारत में एशिया का सबसे बड़ा निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्ट

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने भारत में 17.5 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया. यह एशिया में माइक्रोसॉफ्ट का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जिससे भारत के एआई-फर्स्ट भविष्य के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे, स्किल बिल्ड क्षमताओं के निर्माण में मदद मिलेगी. यह निवेश गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट की ओर से हाल ही में विशाखापत्तनम में एक एडवांस एआई डेटा हब बनाने के लिए 15 अरब डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा के बाद आया है. दुनिया की सबसे उन्नत एआई सुविधाओं में से एक के रूप में डिजाइन किया गया यह हब अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा केंद्र होगा.

सेमीकंडक्टर डिजाइन को लेकर बड़ा बाजार बना भारत

इंटेल के सीईओ लिप-बू टैन की पीएम मोदी से मुलाकात ने भी एक नए बदलाव को दिशा दी है. इंटेल ने देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की और टाटा समूह के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए.

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद लिप-बू टैन ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, हमने टेक्नोलॉजी, कंप्यूटिंग और भारत के लिए अपार संभावनाओं वाले विविध विषयों पर व्यापक चर्चा की. मैं एक व्यापक सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण नीति लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करता हूं और इंटेल भारत सेमीकंडक्टर मिशन का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है.

कॉग्निजेंट ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, हमारे सीईओ रवि कुमार एस और कॉग्निजेंट इंडिया के एमडी राजेश वरियर ने पीएम मोदी से मुलाकात की. जहां उन्होंने एआई को अपनाने में तेजी लाने, एआई क्षमताओं और उत्पादकता को बढ़ाने हेतु शिक्षा और कौशल विकास को आगे बढ़ाने पर बातचीत की. गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और कॉग्निजेंट के पहल की लहर एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है कि भारत अब केवल एक बाजार नहीं रह गया, बल्कि यह दुनिया के एआई और सेमीकंडक्टर परिवर्तन का केंद्र बन रहा है.

विशाखापत्तनम में गूगल का प्रोजेक्ट

गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन ने इससे पहले अल्फाबेट डील को कंपनी के ग्लोबल एआई विजन में एक ऐतिहासिक क्षण बताया था, जो भारत को अपने केंद्र में रखता है. विशाखापत्तनम में पांच सालों तक चलने वाला यह प्रोजेक्ट भारत के डिजिटल भविष्य में दिए जा रहे भरोसे के पैमाने को दर्शाता है. भारत में डिजिटल के क्षेत्र में निवेश करने का विश्वास तब और बढ़ गया जब माइक्रोसॉफ्ट के नडेला ने ग्लोबल एआई परिदृश्य को आकार देने में भारत की अनूठी भूमिका का जिक्र किया.

भारत को लेकर आशावादी है दुनिया: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने “जब बात एआई की आती है तो दुनिया भारत को लेकर आशावादी है. सत्या नडेला के साथ बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई. यह देखकर खुशी हुई कि भारत वह स्थान बन रहा है जहां माइक्रोसॉफ्ट एशिया में अपना अब तक का सबसे बड़ा निवेश करेगा. भारत के युवा इस अवसर का लाभ उठाकर इनोवेशन करेंगे और एक बेहतर दुनिया के लिए एआई के पावर का लाभ उठाएंगे.”

टेक्नोलॉजी वैल्यू चेन में भारत का उदय ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है. इंटेल-टाटा सहयोग भारत में इंटेल की ओर से डिजाइन किए गए उत्पादों के निर्माण, कॉम्बिनेशन और पैकेजिंग को सक्षम करेगा, जो ग्लोबल चिप सप्लाई चेन के स्थानीयकरण में एक बड़ी प्रगति है.



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