भारत के पड़ोस में छिड़ेगी जंग? चीन के साथ आया रूस तो अमेरिका ने उतारा B-52 बॉम्बर; F-35 फाइटर जेट्स भी दिखे


जापान की प्रधानमंत्री सनाई तकाइची को ओर से ताइवान को लेकर दिए बयान के बाद से चीन के साथ उसका कूटनीतिक तनाव चरम पर है. रूस ने पेट्रोलिंग के लिए परमाणु सक्षम जंगी जहाज चीनी सेना के समर्थन में तैनात कर दिया. इसके बाद अमेरिकी बॉम्बर ने भी जापानी जेट्स के साथ उड़ान भरी. ये पूर्वी एशिया में बढ़ते तनाव का साफ और स्पष्ट संकेत है.

जापान और अमेरिका ने किया शक्ति प्रदर्शन

जापान के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार (11 दिसंबर 2025) को कहा, “जापान और अमेरिका ने बलपूर्वक यथास्थिति को बदलने के किसी भी एकतरफा प्रयास को रोकने की अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया और सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज (एसडीएफ) और अमेरिकी सेना दोनों की तत्परता का परिचय दिया.” 10 दिसंबर को दो अमेरिकी B-52 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर ने जापानी सागर के ऊपर उड़ान भरी थी, जिसमें तीन जापानी F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट और तीन F-15 एयर सुपीरियॉरिटी जेट शामिल थे. यह पहली बार था जब चीन के क्षेत्रीय अभ्यास शुरू होने के बाद अमेरिका ने अपनी सैन्य उपस्थिति का ऐसा प्रदर्शन किया.

जापानी रक्षा मंत्रालय ने 11 दिसंबर को जारी की गई तस्वीरों में B-52 को F-15 के साथ दिखाया, जो जापान के छठे एयर विंग से थे. 9 दिसंबर को दो रूसी TU-95 बॉम्बर ने दो चीनी H-6 बॉम्बर के साथ संयुक्त उड़ान भरी थी, जिसके जवाब में जापान ने लड़ाकू विमान उतारे.

जापान ने चीन पर रडार लॉक-ऑन का आरोप लगाया

पिछले सप्ताह चीन ने जापान के दक्षिण में विमानवाहक अभ्यास किया, जिसमें जापानी जेट्स पर रडार लॉक-ऑन का आरोप लगा. जापान ने इसे खतरनाक बताया था और कहा कि जेट विमानों को रडार बीम से निशाना बनाया गया था, जबकि चीन ने जापानी विमानों को अनधिकृत घुसपैठ करार दिया. जापान के चीफ ऑफ स्टाफ, जॉइंट स्टाफ जनरल हिरोकी उचिकुरा ने कहा कि चीनी और रूसी बॉम्बर विमानों की संयुक्त उड़ान साफ ​​तौर पर जापान के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन था.

इस घटना की वाशिंगटन ने भी आलोचना करते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए अच्छा नहीं है और इस बात की पुष्टि की है कि जापान के साथ उसका गठबंधन अटूट है. जापान और दक्षिण कोरिया दोनों देशों में अमेरिकी सेनाएं तैनात हैं. जापान में अमेरिका का एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और एक अमेरिकी मरीन अभियान दल मौजूद है.

इस बीच, जापानी सरकार के शीर्ष प्रवक्ता मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने विभिन्न देशों के साथ कूटनीतिक चर्चा जारी रखने की भी बात कही है. उन्होंने गुरुवार को कहा, “जापानी सरकार की नीतियों और रुख के बारे में अन्य देशों की समझ हासिल करना अत्यंत महत्वपूर्ण है.”

जापान को परेशान होने की जरूरत नहीं: चीन

उन्होंने कहा कि जापान ने समय पर और उचित तरीके से अन्य देशों को टोक्यो की स्थिति समझाने के लिए लगातार विभिन्न अवसरों का लाभ उठाया है और ऐसा करना जारी रखेगा. रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने बुधवार शाम को अपने इतालवी समकक्ष और नाटो प्रमुख के साथ अलग-अलग बातचीत की.

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि जापान को चीन और रूस की सेनाओं के साझा पेट्रोलिंग से परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह उनके वार्षिक साझा कार्यक्रम का हिस्सा है.



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