‘यूनुस सरकार से जुड़े लोगों ने किया हमला’, बांग्लादेश में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पत्रकारों को बनाया निशाना


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बांग्लादेश में छात्र नेता की मौत के बाद भड़की हिंसा के बीच देश में पत्रकारों के खिलाफ विरोध और हमले तेज हो गए हैं. पिछले हफ्ते इस्लामिक कट्टरपंथियों ने देश के दो प्रमुख अखबारों के दफ्तरों में आगजनी और तोड़फोड़ की, जिसके विरोध में सोमवार (22 दिसंबर, 2025) को वहां के पत्रकारों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

देश की राजधानी ढाका में दर्जनों पत्रकारों और मीडिया कर्मियों ने ह्यूमन चेन बनाकर विरोध प्रदर्शन किया. उनके हाथों में प्रेस की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमलों की निंदा करने वाली तख्तियां थीं. वहीं, इस दौरान मौके पर सुरक्षा बल भी तैनात रहे.

छात्र नेता की मौत के बाद भड़की हिंसा

दरअसल, पिछले गुरुवार (18 दिसंबर, 2025) को ढाका में उग्र भीड़ ने दो ऑफिसों पर हमला किया. ऑफिस की बिल्डिंग के कई हिस्सों में आग भी लगा दी गई और ऑफिस परिसर में काफी तोड़फोड़ भी की गई. यह हमले बांग्लादेश के लोकप्रिय छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद उभरी भारत-विरोधी भावना के बीच हुए.

32 वर्षीय उस्मान हादी भारत के कड़े आलोचक थे, जो पिछले साल बांग्लादेश की तत्कालीन पीएम शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाले लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे. इस महीने की शुरुआत में ढाका में एक मस्जिद से निकलते समय दो नकाबपोश बंदूकधारी हमलावरों ने उस्मान गोली मार दी थी. बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में गुरुवार (18 दिसंबर) को इलाज के दौरान हादी ने दम तोड़ दिया.

प्रदर्शनकारियों ने ढाका में कई इमारतों में लगा दी थी आग

छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या से भड़के प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ढाका के कई इमारतों में आग लगा दी, जिसमें दो प्रमुख अखबारों के ऑफिस भी शामिल थे, जिन्हें भारत का समर्थक माना जाता है.

वहीं, बांग्लादेश में न्यू एज डेली के संपादक और नेशनल एडिटर्स काउंसिल के अध्यक्ष नुरुल कबीर ने कहा कि हमलावरों ने पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश की. उन्होंने सोमवार (22 दिसंबर) को रैली में कहा, ‘जब पत्रकार ऑफिस के अंदर काम कर रहे थे, तभी इमारतों में आग लगा दी गई और यहां तक की दमकल विभाग को बचाव अभियान चलाने से भी रोका गया था.’

उन्होंने कहा कि हमलावरों ने यह साफ कर दिया था कि जो उनसे असहमति जताएगा, उसे जिंदा जला दिया जाएगा. यहां तक कि छत पर फंसे पत्रकारों की मदद करने की कोशिश के दौरान उन पर भी हमला किया गया.

मोहम्मद यूनुस की सरकार पर लगाए आरोप

बांग्लादेश में मानवाधिकार संगठनों और मीडिया संस्थानों ने मचे बवाल और हिंसा की कड़ी आलोचना करते हुए मोहम्मद यूनुस और उनके नेतृत्व वाली सरकार पर हालात पर नियंत्रण रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. मीडिया कर्मियों ने दावा कि यह हमला यूनुस सरकार से जुड़े लोगों की ओर से कराया गया.

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