ओडिशा के खिलाड़ी ट्रेन में शौचालय के पास नीचे बैठकर यात्रा कर रहे थे. इससे जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया. अब इस पूरे मामले में प्रदेश के शिक्षामंत्री ने सरकार की तरफ से बयान जारी किया है, और सफाई दी है.
शिक्षामंत्री नित्यानंद गोंड ने मामले में जांच की बात कही है. उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार राज्य के युवा खिलाड़ियों को नेशनल लेवल के टूर्नामेंट के लिए ट्रेन में अस्वच्छ परिस्थितियों में यात्रा करने के लिए मजबूर किए जाने के मामले में घटना की जांच करेगी.
‘मामला सरकार के संज्ञान में आ गया है’
इस पूरे मामले में प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि यह मामला सरकार के संज्ञान में आ गया है. तथ्यों की पुष्टी के लिए जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री ने कहा कि यह मामला हमारे संज्ञान में आया है. हमें भी इसके बारे में जानकारी मिल रही है. सरकार सभी आरोपों की सच्चाई की जांच करेगी. जांच के बाद निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
कब शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब उत्तर प्रदेश में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूल कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए ओडिशा के कम से कम 18 एथिलीटों को कथित तौर पर स्कूल और जन शिभा विभाग की लापरवाही का सामना करना पड़ा है. उन्हें सामान्य डिब्बों में शौचालयों के पास बैठने के लिए मजबूर किया गया.
चैंपियनशिप में 10 लड़के और 8 लड़कियां शामिल थीं
इस दल के चैंपियनशिप के लिए भेजे गए 10 लड़के और 8 लड़कियां शामिल थीं. हालांकि, कन्फर्म रेल टिकट न होने के कारण खिलाड़ियों को भीषण ठंड में बेहद असुविधाजनक परिस्थियों में यात्रा करना पड़ी. बताया जा रहा है कि वापसी की यात्रा के दौरान यह स्थिति बनी. युवा पहलवानों के ट्रेन के शौचालयों के पास बैठकर यात्रा करने का वीडियो वायरल हुआ. इससे व्यापाक आक्रोश फैल गया. इस यात्रा में खिलाड़ियों के माता पिता को जाने की अनुमति नहीं दी गई थी.
इनपुट – रजनीकांत बिस्वाल