‘अल्पसंख्यकों को जिंदा जलाना’, बांग्लादेश में हिंदुओं की लिंचिंग को लेकर मोहम्मद यूनुस पर भड़कीं शेख हसीना


बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर गुरुवार (25 दिसंबर 2025) को जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सरकार पर गैर-मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार करने का आरोप लगाया. अवामी लीग चीफ शेख हसीना ने कहा कि अवैध रूप से सत्ता हासिल करने वाली यूनुस सरकार में धार्मिक अल्पसंख्यकों को बेरहमी से मार डालने जैसी भयावह घटनाएं सामने आ रही हैं. 

शेख हसीना का इशारा स्पष्ट रूप से बांग्लादेश में पिछले हफ्ते एक हिंदू युवक दीपू दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना की ओर था. उन्होंने क्रिसमस के मौके पर दिए संदेश में यूनुस सरकार पर सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के अपने-अपने धर्मों का पालन करने की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “अंतरिम सरकार खासतौर पर गैर-मुसलमानों के खिलाफ अकल्पनीय अत्याचार कर रही है. उसके शासन में धार्मिक अल्पसंख्यकों को बेरहमी से मार डालने जैसी भयावह घटनाएं भी सामने आई हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि बांग्लादेश की जनता इस काले दौर को और अधिक समय तक जारी नहीं रहने देगी.” शेख हसीना ने उम्मीद जताई कि क्रिसमस बांग्लादेश में ईसाइयों और अन्य धर्मों के अनुयायियों के बीच सद्भाव और सामंजस्य की भावना को और बढ़ावा देगा.

उन्होंने कहा, “क्रिसमस के इस शुभ अवसर पर मैं सभी ईसाई भाई-बहनों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना करती हूं. काले दौर के खत्म होने और उम्मीदों की एक नयी सुबह की आशा है. बांग्लादेश अमर रहे.”

बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और बाद में उसके शव को आग के हवाले कर दिया था. पहले ये कहा गया कि उसे ईशनिंदा के आरोप में मारा गया, लेकिन बाद में पुलिस ने साफ किया कि उसे इस तरह का कोई सबूत नहीं मिला. इसे लेकर भारत सहित दुनिया के कई देशों में मोहम्मद यूनुस के खिलाफ प्रदर्शन हुए.

शेख हसीना का बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने 25 दिसंबर को ढाका में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. हालांकि उन्होंने अपने पूरे भाषण में सीधे तौर पर एक बार भी शेख हसीना का नाम नहीं लिया. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश ऐसा देश है जहां मुसलमान, हिंदू, बौद्ध और ईसाई सभी समान रूप से रहते हैं. हम एक सुरक्षित बांग्लादेश का निर्माण करना चाहते हैं. एक ऐसा देश जहां कोई भी महिला, पुरुष या बच्चा सुरक्षित रूप से घर से निकले तो सुरक्षित रूप से वापस लौट सके.’



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