‘बांग्लादेश से मजबूत संबंध रखना मोदी सरकार के…’, चीन के मध्यस्थता वाले दावे पर भी भड़के ओवैसी


बांग्लादेश में अशांति को लेकर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवौसी ने अपनी बात रखी है, साथ ही चीन के दावों पर भी कड़े शब्दों को इस्तेमाल किया है. हैदराबाद से सांसद ओवैसी का कहना है कि बांग्लादेश में स्थिरता पर भारत के लिए बेहद है. 

ओवैसी ने कहा, ‘बांग्लादेश की स्थिरता भारत की सुरक्षा के लिए खासकर नॉर्थ ईस्ट के लिए बेहद ही जरूरी है. बांग्लादेश के साथ मजबूत रिश्ते बनाए रखना मोदी सरकार के लिए एक चुनौती है. एक मौका दोनों के पास है, कि पहले की तरह संबंधों को मजबूत किया जा सके.’

चीन के इस दावे पर भी भड़के ओवैसी
भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिका के बाद चीन के दावे पर भी ओवैसी ने देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा,  ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमारे सामने संघर्षविराम की घोषणा करने का दावा किया. अब चीन के विदेश मंत्री भी आधिकारिक तौर पर ऐसे दावे कर रहे हैं. यह भारत का अपमान है. सरकार को इसका कड़ा खंडन करना चाहिए.’

ओवैसी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को एक ही स्तर पर रखने की कोशिश चीन की तरफ से की जा रही है. वह दक्षिण एशिया में खुद को श्रेष्ठ रूप में पेश करना चाहता है. 

ओवैसी ने पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के दौरान मोदी सरकार ने इस बात पर सहमति जताई थी. चीन के विदेश मंत्री का मध्यस्थता का दावा चौंकाने वाला है. केंद्र सरकार को इसका आधिकारिक तौर पर खंडन करना चाहिए. उन्हें देश को भरोसा दिलाना चाहिए. किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है. 

दरअसल, मंगलवार को चीन ने दावा किया था. विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन मुद्दों की सूची में शामिल ैह, जिन पर चीन इस साल मध्यस्थता की थी. 

भारत ने चीन के दावे को किया खारिज
इधर, चीन के विदेश मंत्री की तरफ से किए दावे पर भारत सरकार ने खंडन किया है. सरकार ने कहा है कि भारत पहले भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को खारिज कर चुकी है. किसी भी तीसरे पक्ष को लेकर भारत का स्टैंड नहीं बदला है. 





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