‘अमेरिका से डरते हैं चीन-रूस, मूर्खता में…’, डोनाल्ड ट्रंप ने ऑयल टैंकर पर कब्जा करने के बाद पुतिन-जिनपिंग को दी खुली चुनौती


अमेरिका ने अटलांटिक महासागर में रूस के झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया. अमेरिकी होम डिपार्मेंट ने इस ऑपरेशन से जुड़ा वीडियो शेयर किया. अब यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग को सीधी चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि रूस और चीन सिर्फ अमेरिका से डरते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हर कोई भाग्यशाली है कि मैंने अपने पहले कार्यकाल में हमारी सेना को फिर से मजबूत किया और अब भी करता जा रहा हूं.

सिर्फ अमेरिका से डरता है रूस-चीन: ट्रंप

अटलांटिक महासागर में अमेरिका के ऑपरेशन के बाद ट्रंप ने कहा कि अगर वह हस्तक्षेप नहीं करते तो आज रूस के पास पूरा यूक्रेन होता. उन्होंने कहा, ‘चीन और रूस एक मात्र देश से डरते हैं वो है डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बनाया गया नया अमेरिका.’ ट्रंप ने कहा कि नाटो भले ही हमारा साथ दें या न दें हम उनका साथ हमेशा देंगे.

ट्रंप ने नाटो को आड़े हाथों लिया

ट्रंप ने कहा, ‘उन सभी बड़े नाटो देशों को याद रखना चाहिए कि वे पहले अपनी जीडीपी का सिर्फ 2 फीसदी ही दे रहे थे और जब तक मैं राष्ट्रपति नहीं बना तब तक उनमें से ज्यादातर अपने पैसे नहीं चुका रहे थे. अमेरिका मूर्खता में उनके लिए भुगतान कर रहा था. मैंने सम्मानपूर्वक उन्हें 5 फीसदी जीडीपी तक पहुंचाया और अब वे तुरंत भुगतान करते हैं. सब लोग कहते थे कि यह नहीं हो सकता, लेकिन यह हो गया क्योंकि सब से ऊपर वे सभी मेरे दोस्त हैं.’

नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने पर ट्रंप पर दुख आया बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भीतर से नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने का दुख एक बार फिर छलका. उन्होंने कहा, ‘मैने अकेले 8 युद्ध समाप्त किए. नार्वे जो नाटो का सदस्य है उसने मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया. हालांकि जो बातें मायने रखती है वो ये है कि मैंने लाखों जिंदगियां बचाई. संयुक्त राज्य अमेरिका के बिना रूस और चीन को NATO से जरा भी डर नहीं है. मुझे शक है कि अगर हमें सच में ज़रूरत पड़ी तो क्या नाटो हमारे लिए खड़ा होगा.’



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *