लालू प्रसाद यादव के खिलाफ CBI कोर्ट का बड़ा फैसला


जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव समेत 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं. सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया. 

‘लालू ने अपनी पत्नी और बच्चों के लिए संपत्ति जुटाई’ 
सीबीआई कोर्ट ने माना कि इस मामले में आगे सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं. अब अगली प्रक्रिया के तहत ट्रायल शुरू किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश किए जाएंगे. कोर्ट ने माना कि लालू यादव ने अपनी पत्नी और बच्चों के लिए अचल संपत्ति जुटाई और बाकी आरोपियों ने षडयंत्र में साथ दिया. इस पूरे मामले में 52 आरोपियों को आरोप मुक्त किया गया जबकि 5 लोगों की मौत हो चुकी है.

लालू यादव परिवार पर सीबीआई के आरोप
सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियां देने के बदले उनकी जमीन ली गई थी. ये जमीन लालू यादव के परिवार और उनके करीबी लोगों के नाम कराई गई. हालांकि सभी आरोपियों ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि चार्जशीट में नामजद 103 आरोपियों में से 5 की मौत हो चुकी है.

‘लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुआ घोटाला’
सीबीआई ने इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनकी बेटी मीसा भारती और उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. एजेंसी का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र (जबलपुर जोन) में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले जमीन ली गई. यह जमीन लालू परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम कराई गई.

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