अराघची ने ब्रिटेन घुमाया फोन, राजदूतों को दिखाए गए वीडियो, मैंक्रों की बड़ी डिमांड… ईरान में विरोध प्रदर्शन पर बड़े अपडेट


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ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोमवार (12 जनवरी, 2026) को ब्रिटेन को कॉल घुमाया और उससे ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की बात कही. वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन, इटली, जर्मनी के साथ फ्रांस के राजदूतों को भी तलब किया और उन्हें देश में जारी प्रदर्शनों के वीडियो दिखाए. इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बड़ी डिमांड भी की है.

विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोमवार (12 जनवरी, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक पोस्ट कर लिखा, ‘आज शाम मैंने ब्रिटेन के विदेश सचिव से फोन पर बातचीत की. मैंने उनसे स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों के तहत ब्रिटेन ईरान के लंदन स्थित वाणिज्य दूतावास और दूतावास की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है. अगर ब्रिटेन राजनयिक मिशनों की सुरक्षा के अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर पाता है, तो ईरान के पास अपने कर्मचारियों को निकालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने ब्रिटेन से ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का भी आग्रह किया, जिसमें समाचार संगठनों के रूप में काम कर रहे इजरायल समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई न करना भी शामिल है. हिंसा भड़काने और आतंकवाद का महिमामंडन करने के संबंध में ऑफकॉम के स्पष्ट नियम और विनियम हैं. ब्रिटेन सरकार को अपने घरेलू कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए.’

UK, जर्मनी, इटली और फ्रांस के राजदूतों को किया तलब

ईरान की सरकारी मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और फ्रांस के राजदूतों को मंत्रालय में बुलाया गया, ताकि उन्हें दंगाईयों की ओर से की गई हिंसा का फुटेज दिखाया जा सके. मंत्रालय ने उन देशों के राजदूतों को बुलाया, जिन्होंने विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों के लिए अपना समर्थन घोषित किया था और प्रदर्शनकारियों का खुले तौर पर समर्थन किया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्रालय ने दंगाइयों द्वारा की गई हिंसक कार्रवाइयों की तस्वीरें पेश कीं, इस बात पर जोर दिया कि ये हरकतें शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की सीमाओं से परे थीं और संगठित तोड़फोड़ थीं. तेहरान ने राजदूतों से अनुरोध किया कि वे इन तस्वीरों को सीधे अपने-अपने विदेश मंत्रियों तक पहुंचाएं और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में दिए गए आधिकारिक बयानों को वापस लेने की भी मांग की. ईरान ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी राजनीतिक या मीडिया समर्थन अस्वीकार्य है और यह ईरान की आंतरिक सुरक्षा में सीधा हस्तक्षेप है.

विरोध प्रदर्शन के बीच मैक्रों ने रखी डिमांड

वहीं, ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरानी सरकार के सामने एक मांग रखी है. मैक्रों ने कहा, ‘मैं उस सरकारी हिंसा की निंदा करता हूं, जो बिना भेदभाव के उन ईरानी महिलाओं और पुरुषों को निशाना बना रही है, जो पूरे साहस के साथ अपने अधिकारों के सम्मान की मांग कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मौलिक आजादी का सम्मान एक यूनिवर्सल जरूरत है और हम उन सभी के साथ खड़े हैं, जो इन स्वतंत्रताओं की रक्षा करते हैं.

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