‘सरकार की लापरवाही से हुई ये त्रासदी’, इंदौर के भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से मिलकर बोले राहुल गांधी


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर दौरे पर हैं. सबसे पहले वह बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे. अस्पताल में भर्ती चार मरीजों से मिलकर उनके हाल जाना और उनके परिजनों से भी मुलाकात की. राहुल गांधी इसके बाद दूषित जल से प्रभावित भागीरथपुरा भी गए. राहुल गांधी के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद रहे.

केंद्र सरकार पर राहुल गांधी का निशाना
इंदौर में पानी दूषित होने से हुई मौतों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर कड़ा हमला बोला. राहुल गांधी ने कहा, हमें स्मार्ट सिटी का वादा किया गया था. यह स्मार्ट सिटी का नया मॉडल है, जहां पीने का पानी नहीं है और लोगों को धमकाया जा रहा है. इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हुई है. यह सरकार का शहरी मॉडल है और यह सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों में यही हाल है.

सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल
उन्होंने कहा कि सरकार में किसी न किसी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी. इस लापरवाही से जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए. आज भी इंदौर के लोगों को साफ पीने का पानी नहीं मिल रहा है . लोग सिर्फ वही मांग रहे हैं, जो सरकार का कर्तव्य है- एक सही और भरोसेमंद साफ पानी की व्यवस्था. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते लोगों की समस्याएं उठाना मेरी जिम्मेदारी है. आप इसे राजनीति कहें या जो चाहें कहें.

कांग्रेस का दावा- 24 लोगों की मौत हुई
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को दावा किया था कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है. उन्होंने बताया कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे और उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल  जानेंगे.

कांग्रेस चर्चा के लिए आयोजित करेगी सम्मेलन
पटवारी ने कहा,’हम दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा के लिए गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहते थे, लेकिन हमें प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी. इसलिए हम बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेंगे.’ पटवारी ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है.  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दूषित पेयजल को ‘धीमा जहर’ करार देते हुए दावा किया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है.

राज्य सरकार ने पेश की रिपोर्ट
मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है. इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है.

पीड़ितों को दो-दो लाख का मुआवजा 
प्रशासन ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद जान गंवाने वाले 21 लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है. अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों की मौत दूसरी बीमारियों और अन्य कारणों से हुई है, लेकिन सभी मृतकों के परिवारों को मानवीय आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है.





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