स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के कदम की जमकर आलोचना की. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाते हुए मौक्रों इशारा किया हम बिना किसी नियम वाली दुनिया (World Without Rules) की ओर बढ़ रहे हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जा रहा है और ऐसा लगता है कि केवल सबसे शक्तिशाली लोगों के कानून ही मायने रखते हैं.
सनग्लास में मैक्रों का भाषण हो रहा वायरल
राष्ट्रपति मैक्रों के भाषण के अलावा उनका सनग्लास भी चर्चा का विषय रहा. सोशल मीडिया पर चश्मे के साथ उनका भाषण खूब वायरल हुआ. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर यूरोप उन्हें ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करने देता है तो वे भारी टैरिफ लगाएंगे. अटलांटिक क्षेत्र को लेकर जहां एक तरफ अन्य यूरोपीय नेता संयम दिखा रहे हैं तो वहीं मैक्रों ने आक्रामक रुख अपनाया है.
मैक्रों ने जंग को लेकर ट्रंप को दिखाया आईना
मैक्रों ने यूक्रेन पर रूसी हमले, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में चल रहे जंगों का जिक्र किया. उनका सारा बयान सीधे तौर ट्रंप पर निशाना था. उन्होंने कहा कि उनकी (डोनाल्ड ट्रंप) अपनी नैतिकता केवल ग्लोबल पावर को सीमित करती है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून की जरूरत नहीं है. मैक्रों ने कहा कि यूरोप क्षेत्रीय संप्रभुता और कानून के शासन के लिए खड़ा रहेगा, भले ही दुनिया नियमों के बिना आगे बढ़ रही हो. इसमें यूरोपीय संघ की ओर से कड़े व्यापार प्रतिबंध लगाना भी शामिल हो सकता है.
ट्रंप की दादागिरी का करारा जवाब
मैक्रों ने कहा, ‘हम धौंस जमाने वालों की बजाय सम्मान को प्राथमिकता देते हैं. हम क्रूरता की बजाय कानून के शासन को प्राथमिकता देते हैं.” दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है. मैक्रों ने यह भाषण तब दिया जब ट्रंप ने फ्रांस की शराब और शैंपेन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी और मैक्रों के फाइवेट चैट को ली कर दिया. ट्रंप ने शनिवार को कसम खाई थी कि वह 1 फरवरी से फ्रांस सहित कई यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ बढ़ाएंगें, जब तक कि वे ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका का सपोर्ट नहीं करते. यूरोपीय यूनियन ने इसे ब्लैकमेल करार दिया है.
ट्रंप ने फ्रांस को दी टैरिफ की धमकी
ग्रीनलैंड पर एक आपातकालीन शिखर सम्मेलन के लिए गुरुवार (22 जनवरी 2026) को यूरोपीय नेता ब्रुसेल्स में मीटिंग करेंगे. फ्रांस ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्तावित गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से इनकार कर दिया. इस पर ट्रंप ने कहा, ‘कोई भी उन्हें नहीं चाहता क्योंकि वे बहुत जल्द पद से हट जाएंगे.’ फिर उन्होंने फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर 200 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी. मैक्रों ने यूरोपीय यूनियन से अपने एंटी ट्रेड टूल्स को लागू करने का आग्रह किया है, जिससे अमेरिका की पहुंच सीमित हो सकती है.
‘बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों को कमजोर किया’
मैक्रों ने कहा, ‘मैं ऐसे कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का उदाहरण दे सकता हूं, जिसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने कमजोर किया या फिर छोड़ दिया. आज जब हम मौजूदा स्थिति को देखते हैं तो साफ तौर पर यह चिंताजनक लगता है. हम इसे ठीक करके आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकते हैं.’