‘सरकार कहीं न कहीं कंफ्यूज है’, UGC के नए नियमों पर रोक के बाद मोदी सरकार पर भड़का विपक्ष, जानें क्या कहा?


यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के नए नियमों पर रोक लग गई है. सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार (29 जनवरी) को UGC के नए नियमों पर फैसला सुनाते हुए नई गाइडलाइन्स पर तत्काल रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है. सपा नेता सरकार पर सवाल उठा रहे हैं.

सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने आज एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा कि सरकार का कौनसा दबाव है सुप्रीम कोर्ट के ऊपर, जो इसे आज रोलबैक कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जिस तरह से उत्तर प्रदेश में पीडीए की लड़ाई लड़ रही है. उसमें से कहीं न कहीं एक बड़ा कदम माना जा रहा था, लेकिन आज इसे रोलबैक कर दिया गया है.

‘सरकार कहीं न कहीं कंफ्यूज है’ 

मोदी सरकार को घेरते हुए सपा सांसद ने कहा कि मैं सरकार से यही कहना चाहूंगा कि वो खुद ही कहीं न कहीं कंफ्यूज है कि किसके साथ खड़े हों. हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कहा है कि नियमों के तहत दोषियों पर ही कार्रवाई की जाए और ये सुनिश्चित किया जाए कि निर्दोष न फंसे. इन्हीं नियमों के तहत हमें काम करना चाहिए. ऐसे में समाजवादी पार्टी पूरी तरह से पीडीए के साथ खड़ी है.   

कांग्रेस सांसद ने क्या कहा

वहीं इस मामले पर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसला का स्वागत करते हैं लेकिन निश्चित तौर पर यह चिंताजनक मामला था जिस पर हम सबको जिम्मेदारी के साथ विचार करना चाहिए.

19 मार्च को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने UGC के ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस 2026’ को अस्पष्ट और दुरुपयोग की संभावना वाला बताते हुए स्थगित कर दिया. सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि इस नियम को स्पष्ट करने की जरूरत है. तब तक 2012 के पुराने UGC नियम लागू रहेंगे. कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की है.

ये भी पढ़ें

UGC के नए नियमों पर ‘सुप्रीम’ रोक! इसपर आखिर क्यों मचा था बवाल, क्या हो रहा था बदलाव, जानें सब



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *