भारत दौरे पर पहुंचीं फिलिस्तीन की विदेश मंत्री डॉ. वार्सेन अगाबेकियन शाहीन ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही फिलिस्तीन इजरायल के कब्जे से मुक्त होगा. वहां पर न सिर्फ शांति बहाल होगी बल्कि गाजा का पुनर्निमाण भी हो जाएगा.
एबीपी न्यूज से खास बातचीत में डॉक्टर शाहीन ने कहा कि जब तक बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के प्रधानमंत्री हैं, उन्हें इजरायल से कोई खास उम्मीद नहीं है क्योंकि वो बार-बार कह चुके हैं कि फिलिस्तीन पर कब्जा करके रहेंगे. डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर भी डॉक्टर शाहीन ने कहा कि उन्हें ट्रंप से उम्मीद है कि वो फिलिस्तीन में शांति बहाली कर पाएंगे और इसके लिए वो इजरायल पर भी दबाव डालेंगे.
भारत से क्या उम्मीदें? फिलिस्तीन की मंत्री ने बताया
जब डॉक्टर शाहीन से पूछा गया कि उन्हें भारत से क्या उम्मीदें हैं तो उन्होंने कहा कि भारत और फिलिस्तीन का बेहद पुराना संबंध है जो साल 1947 से ही चला आ रहा है. भारत उन शुरुआती देशों में रहा है, जिसने फिलिस्तीन को मान्यता दी है और भारत फिलिस्तीन के साथ ही इजरायल का भी दोस्त है तो एक दोस्त ही दूसरे दोस्त से बात करके तीसरे दोस्त की मदद के लिए राजी कर सकता है और भारत से हमारी यही उम्मीदें भी हैं.

अरब देशों के मंत्रियों के साथ खास बातचीत के लिए भारत आईं डॉक्टर शाहीन ने कहा कि भारत में अरब देशों के मंत्रियों के साथ हुई इस बातचीत में कोई समाधान तो नहीं निकलेगा, लेकिन हम इतनी जरूर बात कर पाएंगे कि फिलिस्तीन के लिए अरब देशों को क्या करना चाहिए. गाजा में भविष्य में क्या होना चाहिए. हमारे लिए ये मीटिंग इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि हम हर तरफ से अपने लिए समर्थन जुटा सकें.
PM मोदी के इजरायल दौरे पर क्या बोलीं फिलिस्तीनी विदेश मंत्री?
डॉक्टर शाहीन का ये भारत दौरा इस मामले में भी महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इजरायल जाने वाले हैं. ऐसे में जब फिलिस्तीन की विदेश मंत्री से सवाल हुआ कि फिलिस्तीन को भारत से और क्या उम्मीदें हैं तो उन्होंने कहा कि भारत इसमें बड़ी भूमिका अदा कर सकता है क्योंकि भारत इजरायल का भी दोस्त है और फिलिस्तीन का भी और दोस्त तो जरूरत के मुताबिक सुझाव दे सकता है. भारत हमेशा से लोकतंत्र, मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पक्षधर रहा है, और हमें भारत से यही उम्मीद है कि वो देश की थ्योरी को मान्यता दे.
नेतन्याहू-इजरायल पर ट्रंप का प्रभाव: शाहीन
डोनाल्ड ट्रंप की शांति वार्ता को लेकर जब विदेश मंत्री से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि ट्रंप से ही उम्मीदें हैं क्योंकि नेतन्याहू तो पूरी दुनिया से कह चुके हैं कि वो आधिकारिक तौर पर वेस्ट बैंक पर कब्जा करेंगे. ट्रंप ने अभी वो किया है, जो उनसे पहले कोई नहीं कर पाया है. हमें पता है कि नेतन्याहू और इजरायल दोनों पर ट्रंप का अच्छा-खासा प्रभाव है और वो शांति की बात इजरायल से मनवा सकते हैं.
ईरान में विरोध-प्रदर्शन पर क्या बोलीं डॉक्टर शाहीन?
ईरान में चल रहे प्रदर्शन और वहां लग रहे नारे पर फिलिस्तीन की विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान एक स्वतंत्र देश है और वहां के लोग तय करेंगे कि ईरान को किस दिशा में जाना चाहिए. हमारा लक्ष्य फिलिस्तीन है और बतौर फिलिस्तीनी मैं चाहती हूं कि फिलिस्तीन आजाद हो. इसलिए हम ऐसी आवाज उठाते रहेंगे जिसका रास्ता शांति का हो.
हमास पर क्या बोलीं फिलिस्तीनी मंत्री?
क्या हमास शांति स्थापित होने देगा? क्या हमास अपने हथियार छोड़ेगा, जिसकी बात इस शांति समझौते में हुई थी और क्या फिलिस्तीन के लोग हमास का समर्थन करना बंद करेंगे, क्योंकि नेतन्याहू बार-बार यही आरोप लगाते हैं और भारत भी हमास को आतंकी संगठन के तौर पर ही देखता है. इस सवाल के जवाब में फिलिस्तीनी विदेश मंत्री ने कहा कि इस शांति समझौते को सभी को मानना होगा. इजरायल को भी और हमास को भी. फिलिस्तीन का हर नागरिक हमास का समर्थक नहीं है. हां भावनात्मक तौर पर कुछ लोग हमास के साथ हो सकते हैं, क्योंकि जब शांति से हमारी बात सुनी ही नहीं गई तो लोग क्या करें. भारत ने भी तो आजादी के दौरान अहिंसा का भी रास्ता अपनाया और सशस्त्र संघर्ष का भी.
हम शांति के समर्थक हैं, हमास की हिंसा के नहीं: डॉक्टर शाहीन
फिलिस्तीन की आधिकारिक लाइन अहिंसा है. 1988 से ही हम अहिंसा के रास्ते पर चल रहे हैं, लेकिन अहिंसा से कुछ हासिल तो होना चाहिए. अगर कुछ हासिल नहीं होता तो सवाल तो खड़े होते ही हैं. हां. अगर हमास को फिलिस्तीन के राजनीतिक परिदृश्य में शामिल होना है तो उन्हें पीएलओ जॉइन करना होगा. क्योंकि पीएलओ का मतलब है शांति. हम शांति के समर्थक हैं, हमास की हिंसा के नहीं.
प्रियंका गांधी के फिलिस्तीनी बैग पर क्या बोलीं शाहीन?
प्रियंका गांधी वाड्रा के फिलिस्तीन वाले बैग को लेकर जब फिलिस्तीन की विदेश मंत्री से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि हम भी तो यही कह रहे हैं कि फिलिस्तीन को आजाद होना होगा. और मैं तो यही कहूंगी कि और भी लोग फिलिस्तीन की आजादी की बात करें और इसमें भारत बड़ी भूमिका अदा कर सकता है.