जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों ने एक बार फिर अमेरिकी राजनीति और वैश्विक सत्ता संरचना को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सामने आई एक FBI रिपोर्ट के अनुसार सिक्रेट सोर्स ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल की तरफ से समझौता किए गए या प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि, यह रिपोर्ट किसी अदालत में सिद्ध नहीं हुई है और इसमें किए गए सभी दावे आरोपों के स्तर पर ही हैं, लेकिन इसके सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस शुरू हो गई है.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक FBI दस्तावेज के अनुसार, सिक्रेट सोर्स ने FBI को बताया कि ट्रंप प्रशासन के दौरान जारेड कुश्नर की भूमिका असामान्य रूप से प्रभावशाली थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुश्नर का असर केवल ट्रंप ऑर्गनाइज़ेशन तक सीमित नहीं था, बल्कि राष्ट्रपति पद के संचालन और नीतिगत फैसलों पर भी उसका गहरा प्रभाव बताया गया है. सोर्स के अनुसार, कई मामलों में कुश्नर की भूमिका औपचारिक प्रशासनिक ढांचे से बाहर जाती दिखाई दी. हालांकि FBI ने यह स्पष्ट किया है कि ये बातें किसी कानूनी नतीजे का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि सोर्स की तरफ से किए गए दावे हैं.
कुश्नर परिवार और कथित वित्तीय संबंध
रिपोर्ट में जारेड कुश्नर और उनके परिवार को लेकर भी कई गंभीर आरोपों का जिक्र है. सिक्रेट सोर्स के अनुसार, कुश्नर परिवार पर भ्रष्टाचार और रूस से आने वाले पैसों से जुड़े संबंधों के संदेह रहे हैं. दस्तावेज में अल्ट्रा-ज़ायनिस्ट चाबाद नेटवर्क का भी संदर्भ दिया गया है, हालांकि इसे किसी ठोस सबूत के रूप में पेश नहीं किया गया. रिपोर्ट इस बात का भी जिक्र है कि कुश्नर के पिता पहले वित्तीय अपराधों में दोषी ठहराए जा चुके हैं, जिन्हें बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति रहते हुए माफी दी थी. इन तथ्यों को रिपोर्ट में बैकग्राउंड के तौर पर रखा गया है.
रूसी निवेश और Cadre प्लेटफॉर्म पर सवाल
FBI रिपोर्ट में जारेड कुश्नर से जुड़े रियल एस्टेट निवेश प्लेटफॉर्म Cadre का भी उल्लेख किया गया है. सिक्रेट सोर्स का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से रूसी निवेश से जुड़े फंड्स को ट्रांसफर किया गया और कुछ मामलों में निवेशकों के वास्तविक स्रोतों का पूरा खुलासा नहीं किया गया. रिपोर्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या अमेरिकी परियोजनाओं में रूसी धन को बिचौलियों के जरिए लगाया गया. FBI ने इस मुद्दे को चिंता का विषय बताया है, लेकिन किसी अंतिम फैसले पर पहुंचने की बात नहीं कही है.
ट्रंप की रियल एस्टेट डील्स पर उठे सवाल
FBI दस्तावेज में डोनाल्ड ट्रंप की कुछ पुरानी रियल एस्टेट डील्स का भी जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने बेवर्ली हिल्स में एक हवेली लगभग 41 मिलियन डॉलर में खरीदी थी, जिसे बाद में 95 मिलियन डॉलर में एक शेल कंपनी को बेच दिया गया. सिक्रेट सोर्स का दावा है कि उस शेल कंपनी के विदेशी संबंध थे और इस सौदे में कई रेड फ्लैग दिखाई देते हैं. एलन डर्शोविट्ज़ और मोसाद से जुड़े आरोप रिपोर्ट में जेफ्री एपस्टीन के वकील एलन डर्शोविट्ज़ का नाम भी सामने आया है. सिक्रेट सोर्स ने दावा किया है कि डर्शोविट्ज़ को कथित तौर पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की तरफ से को-ऑप्ट किया गया था.
जेफ्री एपस्टीन की भूमिका को लेकर संदेह
रिपोर्ट में खुद जेफ्री एपस्टीन को लेकर भी गंभीर संदेह व्यक्त किया गया है. गोपनीय स्रोत के अनुसार, एपस्टीन की वैश्विक राजनीतिक, वित्तीय और कारोबारी नेटवर्क तक गहरी पहुंच थी, जिसके कारण उसे किसी न किसी रूप में लीवरेज या दबाव के साधन के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की आशंका लंबे समय से रही है. हालांकि FBI रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन आशंकाओं को साबित करने के लिए कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं रखा गया है और मामला अब भी आरोपों और संदेहों के स्तर पर ही है.
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