सऊदी अरब के बाद अब मुस्लिम देश ईरान ने भी महिलाओं को बड़ी छूट दी है. शिया मुस्लिम बहुल देश ने महिलाओं को औपचारिक रूप से मोटरसाइकिल चलाने का लाइसेंस प्राप्त कर सकती हैं. खामेनेई प्रशासन के इस फैसले से महिलाओं को लेकर सालों से चले आ रहे कानून को लेकर विवाद अब खत्म हो गए हैं.
ईरान में पहले कानून में महिलाओं के लिए मोटरसाइकिल और स्कूटर चलाना स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित नहीं था, लेकिन व्यवहार में अधिकारी लाइसेंस जारी करने से इनकार कर देते थे. इस कानूनी अस्पष्टता के कारण, पीड़ित होने पर भी महिलाओं को हादसों के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाता था.
उपराष्ट्रपति ने साइन किए हस्ताक्षर
समाचार एजेंसी ILNA के मुताबिक, ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने मंगलवार को ट्रैफिक कोड को स्पष्ट करने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए, जिसे ईरान के मंत्रिमंडल ने जनवरी के आखिर में मंजूरी दी थी. इसके मुताबिक, इस प्रस्ताव के तहत ट्रैफिक पुलिस को ‘महिला आवेदकों को व्यावहारिक ट्रेनिंग प्रदान करना, पुलिस की सीधी देखरेख में एक परीक्षा आयोजित करना और महिलाओं को मोटरसाइकिल चालक लाइसेंस जारी करना’ अनिवार्य है.
ईरान में विरोध प्रदर्शन के बाद हुए बदलाव
यह बदलाव ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों की लहर के बाद आया है, जो शुरू में आर्थिक शिकायतों के कारण भड़के थे, लेकिन पिछले महीने ये राष्ट्रव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में तब्दील हो गए. तेहरान ने स्वीकार किया है कि इस अशांति के दौरान 3,000 से अधिक लोगों की मौत हुई.
सऊदी ने भी महिलाओं को दी काफी छूटें
ईरान से पहले सऊदी अरब ने ‘विजन 2030’ के तहत महिलाओं को ऐतिहासिक छूटें दी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से ड्राइविंग की अनुमति, पुरुष अभिभावक (महरम) के बिना यात्रा, हज/उमराह करने और पासपोर्ट/नागरिकता के अधिकार शामिल हैं. इसके अलावा महिलाओं के लिए ड्रेस कोड में ढील, कार्यबल में भागीदारी और सिनेमा/खेल आयोजनों में जाने की स्वतंत्रता दी गई है.