KTR vs Revanth Reddy: KTR और CM रेवंत रेड्डी के बीच जुबानी जंग, ‘छोटे कद’ से शुरू हुआ विवाद ‘कौन है रे तू’ तक पहुंचा, जानें पूरी कहानी


तेलंगाना की सियासत में अब सियासी शब्द कम और व्यक्तिगत हमले ज्यादा होते जा रहे हैं. बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (KTR) और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (CM Revanth Reddy) के बीच चल रही जुबानी जंग ने एक नया और निचला स्तर छुआ है. केटीआर की ओर से सीएम रेवंत को पोट्टोडु (छोटे कद का) कहकर बेइज्जती करने के मामले ने तूल पकड़ा है, जिसके जवाब में सीएम ने केसीआर और उनके समर्थकों को लेकर कड़ी टिप्पणी की है. यह विवाद तेलंगाना के आंदोलन और अतीत को लेकर दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है.

एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बीआरएस नेता केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने अपमानजनक शब्द ‘पोट्टोडु’ का इस्तेमाल करते हुए कहा कि न तो रेवंत और न ही उनका नेता बीआरएस को कुछ नुकसान पहुंचा सकता है. केटीआर ने रेवंत के अतीत को याद करते हुए कहा, “जब केसीआर तेलंगाना के लिए लड़ रहे थे, तब यह शख्स चंद्रबाबू नायडू के पीछे बैग उठाता फिरता था.” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर गलती से भी फिर से ‘गुलाबी झंडा’ लहराया तो रेवंत की ‘खैर नहीं’. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी याने लोगों को फिर से लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा.

सीएम रेवंत रेड्डी का तीखा प्रहार

इस हमले पर पलटवार करते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने केसीआर और उनके समर्थकों पर तीखा प्रहार किया. एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा, “कौन है रे तू राष्ट्रपिता? तेरी जाति (कौम) कौन सी है?” रेवंत ने पूछा कि जब तेलंगाना आंदोलन चल रहा था और केसीआर आमरण अनशन पर थे, तब ये लोग कहां छिपे हुए थे. उन्होंने कहा कि आज ये लोग राज्य के इतिहास पर बात करते हैं, लेकिन उस वक्त वे सिर्फ ‘चाटुकारिता’ कर रहे थे. उन्होंने साफ कहा कि केसीआर के बलिदान के आगे किसी भी धमकी या कार्रवाई का कोई मोल नहीं है.

तेलंगाना में बदलते सियासी समीकरण

यह विवाद तब सामने आया है जब तेलंगाना में सियासी समीकरण लगातार बदल रहे हैं. बीआरएस, जो दशकों तक सत्ता में रही, अब विपक्ष में बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए है. वहीं, कांग्रेस सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाने के साथ-साथ बीआरएस के शासनकाल को लेकर हमलावर है. सोशल मीडिया पर इन भाषणों की वीडियो क्लिप्स तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे दोनों दलों के समर्थकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है. मामला सिर्फ राजनीति से आगे बढ़कर व्यक्तिगर टिप्पणियों तक पहुंच चुका है. अब देखने वाली बात यह होगी कि आम जनता इस नफरत भरी राजनीति का क्या जवाब देती है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *