गर्ल्स स्टूडेंट और मेल टीचर्स के बीच बातचीत पर बैन, पाकिस्तान की इस यूनिवर्सिटी में तालिबानी फरमान


पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत की राजधानी पेशावर में स्थित सरकारी विश्वविद्यालय इस्लामिया कॉलेज पेशावर ने तालिबानी आदेश जारी किया. इसमें महिला छात्राओं के पुरुष शिक्षकों के साथ किसी भी तरह की पढ़ाई या फिर अन्य तरह की बातचीत पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है. 

इस्लामिया कॉलेज पेशावर के पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डॉ आमिर उल्लाह खान की तरफ से आदेश जारी किया गया है. इसमें न सिर्फ महिला छात्राओं की पुरुष शिक्षकों के साथ हर तरह की बातचीत पर प्रतिबंध लगाया गया है, बल्कि आदेश में यह भी कहा गया कि ना ही छात्राएं पुरुष शिक्षकों के दफ्तर में जा सकेंगी और ना ही पुरुष छात्र महिला शिक्षकों के दफ्तर में जा सकेंगे. 

इस तालिबानी आदेश में क्या कहा गया है? 

अपने तालिबानी आदेश में पाकिस्तान के सरकारी शिक्षण संस्थान ने कहा कि अगर किसी छात्रा का पुरुष शिक्षक के साथ या फिर छात्र का महिला शिक्षक के साथ बातचीत बहुत जरूरी है, तो उसके लिए खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी या फिर चांसलर जो की खैबर पख्तूनख्वाह के गवर्नर हैं, उनसे नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट चाहिए होगा. 

इस्लामिया कॉलेज पेशावर के तालिबानी आदेश में दावा किया गया कि आदेश छात्र-छात्राओं की भलाई के लिए और मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी- चांसलर के आदेश पर जारी किया गया है. पाकिस्तान पहले ही महिला शिक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचना झेलता रहा है, लेकिन अब जिस तरह से महिला विरोधी आदेश पारित किया है, वो पाकिस्तान में महिलाओं का हाल दिखाने के लिए काफी है. 

महिलाओं की पढ़ाई के मामले में काफी पिछड़ा है खैबर पख्तूनख्वाह

महिलाओं की पढ़ाई के मामले में भी पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत काफी पिछड़ा हुआ है और महिलाओं की साक्षरता दर इस प्रांत में केवल 37 फीसदी है और पूरे पाकिस्तान में महिलाओं की साक्षरता दर केवल 52 फीसदी है.

पिछले साल अक्टूबर में खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री बनने के बाद 36 साल के सुहैल अफरीदी खैबर पख्तूनख्वाह में वो हर एक काम कर रहे हैं, जिसकी कभी उनकी पार्टी के प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री इमरान खान ने खिलाफत की थी. 

इमरान खान प्रधानमंत्री बनने से पहले और प्रधानमंत्री के पद पर रहने के दौरान महिलाओं को पुरुषों की बराबरी में लाने की बात करते थे. कुप्रथाओं को बंद करने की बात करते थे. सुहैल अफरीदी के राज में खैबर पख्तूनख्वाह के सबसे पुराने कॉलेज में ही महिला छात्राओं के पुरुष शिक्षकों से बातचीत पर पाबंदी लग गई है.

मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के राज में तैयार हो रहे आतंकी ट्रेनिंग कैंप

इसी तरह इमरान खान ने खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के गढ़ी हबीबुल्लाह इलाके के गुलधेरी मोहल्ले में स्थित लश्कर ए तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कैंप नेशनल एक्शन प्लान के तहत बंद करवाया था तो सोहेल अफरीदी के मुख्यमंत्री बनने के बाद लोअर डिर के कुम्बन मैदान इलाके में लश्कर ए तैयबा का एक ट्रेनिंग कैम्प तैयार हो चुका है. 

जैश ए मोहम्मद का मनसेहरा में ट्रेनिग कैम्प संचालित होने लगा है. हंगू में स्थित कैम्प आतंकी तैयार कर रहा है, साथ ही हिजबुल मुजाहिदीन का भी कैम्प लोअर डिर के मैदान बन्दाई इलाके में निर्माणाधीन है.

इसी तरह जहां इमरान खान ने दुनिया को दिखाने के लिए ही सही आतंकी हाफिज सईद और मसूद अजहर को नजरबंद किया था और सार्वजनिक गतिविधि पर नेशनल एक्शन प्लान के तहत रोक लगायी थी.

सोहेल अफरीदी के राज में खैबर पख्तूनख्वाह ना सिर्फ लश्कर और जैश का अड्डा बन गया है. जैश ए मोहम्मद के बीते 5 फरवरी को टोपी और चारसड्डा में हुए रोड-शो को ना सिर्फ सोहेल अफरीदी की सरकार ने मंजूरी दी, बल्कि आतंकी उमर शेख के मजमे को पुलिस सुरक्षा देती नजर आई थी.



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