बांग्लादेश में बीएनपी को दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान की ताजपोशी की तैयारी शुरू हो गई है. तारिक रहमान ने शपथ ग्रहण से पहले विदेश नीति और खासकर भारत, चीन और पाकिस्तान के साथ कैसे रिश्ते रहेंगे इसे लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की विदेश नीति उसके लोगों के हितों से तय होगी. उन्होंने शेख हसीना और मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल के दौरान हिंदुओं पर हुए हमलों को लेकर टिप्पणी की.
कब होगा शपथ ग्रहण समारोह?
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन अगले चार दिनों के भीतर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के नये मंत्रिमंडल को शपथ दिला सकते हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बीएनपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह 16 या 17 फरवरी को होने की उम्मीद है. रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी चीन, भारत और पाकिस्तान के साथ संबंधों में देश के हितों की रक्षा करने वाली विदेश नीति अपनाएगी. उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश की विदेश नीति ‘बांग्लादेश और उसके लोगों के व्यापक हितों’ के हिसाब से तय होगी.’
चीन को लेकर क्या बोले तारिक रहमान?
बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और चीन के साथ भविष्य के संबंधों पर उन्होंने कहा, ‘यदि कोई चीज बांग्लादेश के हित में नहीं है तो स्वाभाविक रूप से हम उसे आगे नहीं बढ़ा सकते. मुझे विश्वास है कि पारस्परिक हित हमारी पहली प्राथमिकता होंगे.’
हिंदुओं पर हमले को लेकर दिया जवाब
अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद 15 वर्ष से अधिक समय तक शासन करने वालीं शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भारत भागना पड़ा था, जिसके बाद अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं पर व्यापक हमले भी हुए थे. तारिक रहमान ने कहा, ‘देश में शांति और कानून-व्यवस्था किसी भी कीमत पर बनाए रखनी होगी. हम किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमारी सरकार अब पूरे देश में कानून और पक्की सुरक्षा व्यवस्था करेगी.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या बीएनपी भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करेगी तो उन्होंने कहा, ‘यह कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है.’
हालांकि, उन्होंने अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध हटाने के अपने रुख पर कुछ नहीं कहा. उन्होंने बताया कि चुनाव में करीब 50 राजनीतिक दलों ने भाग लिया. उन्होंने कहा, ‘राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में आपके (दलों के) विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं.’
शपथ ग्रहण को लेकर कानूनी पेंच
संविधान के अनुसार मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के बाद नये संसद सदस्यों का शपथ ग्रहण होना अनिवार्य है, जबकि तारिक रहमान के एक प्रमुख सहयोगी ने कहा कि मौजूदा कानूनी परिदृश्य ने इस मुद्दे को थोड़ा जटिल बना दिया है. उन्होंने कहा, ‘पिछली संसद की अध्यक्ष को सांसदों को पद की शपथ दिलानी थी, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और एक अज्ञात स्थान पर रह रही हैं. उपाध्यक्ष जेल में हैं.’
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में, राष्ट्रपति सांसदों को शपथ दिलाने के कार्यक्रम का संचालन करने के लिए किसी व्यक्ति को चुन सकते हैं क्योंकि संविधान में ऐसी स्थिति के लिए प्रावधान रखा गया है.
बांग्लादेश कैबिनेट सचिव शेख अब्दुर राशिद ने कहा कि संविधान के अनुसार, निर्वाचित सांसदों को राजपत्र अधिसूचना जारी होने के तीन दिन के भीतर शपथ लेनी होगी और उसके बाद बहुमत वाली पार्टी अपने संसदीय नेता का चुनाव करेगी. उन्होंने कहा, ‘अगर हमें निर्देश या संकेत मिलता है कि यह किसी निश्चित तारीख और समय पर आयोजित किया जाएगा, तो हम उसी के अनुसार काम करेंगे.