‘अब अमेरिका बताए कि उसे ये डील करनी है या नहीं’, ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया ये ऑफर


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न्यूक्लियर डील को लेकर बार-बार ईरान को धमकी दे रहे हैं. इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने अमेरिका के सामने शर्त रखी है. उन्होंने कहा कि तेहरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ परमाणु समझौते के लिए तैयार हो जाएगा, अगर वशिंगटन ईरान पर से प्रतिबंध हटाने पर चर्चा करने को तैयार हो. ईरान और अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में ओमान में वार्ता के लिए साथ आए थे और मंगलवार (17 फरवरी 2026) को दोनों को जिनेवा में फिर से बातचीत के टेबल पर लौटेंगे. 

ईरान ने अमेरिका के सामने रखी ये शर्त

बीबीसी को दिए इंटरव्यू में ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा, ‘अब गेंद अमेरिका के पाले में है. उन्हें ये साबित करना है कि वे डील करना चाहते हैं या नहीं. अगर वे इसे लेकर गंभीर हैं तो मुझे यकीन है कि हम समझौते की ओर बढ़ेंगे.’ उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत कमोबेश सकारात्मक दिशा में है, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष तक पहुंचना जल्दबाजी होगी. अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने भी दोनों देशों के बीच की वार्ता को सकारात्मक बताया है. हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि समझौता न होने पर सैन्य हमले हो सकते हैं.

यूरेनियम एनरिचमेंट बंद करने पर क्या बोला ईरान?

अमेरिका ने पहले मांग की थी कि ईरान यूरेनियम एनरिचमेंट पूरी तरह से बंद कर दे. इस पर माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि जीरो एनरिचमेंट अब कोई मुद्दा नहीं है और ईरान के नजरिए से यह अब चर्चा का विषय नहीं है. उन्होंने कहा, ‘अगर अमेरिका प्रतिबंधों पर बात करने को तैयार है तो हम हमारे परमाणु कार्यक्रम से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं.’

केवल परमाणु मुद्दे पर होगी बात: ईरान

ईरान का कहना है कि किसी भी नई बातचीत में केवल परमाणु मुद्दे पर ही ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. उन्होंने ये भी दोहराया कि वाशिंगटन और इजरायल के दबाव के बावजूद ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर चर्चा नहीं करेगा. उन्होंने कहा, ‘जब हम पर इजरायल और अमेरिका ने हमला किया तो हमारी मिसाइलों ने हमारी रक्षा की. हमें अपनी डिफेंस क्षमताओं को छोड़ना स्वीकार नहीं है.’

ट्रंप की ईरान को चेतावनी

व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा, ‘हमें समझौता करना ही होगा नहीं तो स्थिति बहुत कठिन और दर्दनाक हो जाएगी. मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन समझौता जरूरी है.’ समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि यह प्रक्रिया ज्यादा लंबी नहीं चलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगले एक महीने के भीतर कोई निर्णय हो जाना चाहिए और ईरान को जल्दी सहमत होना चाहिए. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर बातचीत विफल रही तो हालात और बिगड़ सकते हैं.



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