अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनके देश में हो रही राजनीति पर बात करते हुए कुछ मुद्दों पर कड़ी आलोचना की है. उन्होंने राजनीति में सम्मान और लाज की कमी की ओर इशारा करते हुए अपनी बात रखी है. उन्होंने पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया अकाउंट के पोस्ट पर रिएक्शन दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने फर्स्ट लेडी मिशेल को बंदरों की तरह दिखाया था. एक इंटरव्यू में ओबामा ने मिनेसोटा में राष्ट्रपति ट्रंप के इमिग्रेशन कार्रवाई को लागू करने वाले एजेंट के कार्यों की तुलना भी तानाशाही से की है.
क्या है पूरा मामला?
5 फरवरी को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था. इसमें उन्होंने पूरे अमेरिका के राजनीतिक स्पेक्ट्रम की अलोचना की. हालांकि, व्हाइट हाउस ने इसे एक सदस्य की गलती बताकर उसे दोषी ठहराया और हटा दिया. वीडियो में मिशेल को बंदर के शरीर पर उनका चेहरा लगाकर दर्शाया गया था.
बराक ओबामा ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
इस पर ओबामा ने कहा कि ज्यादा अमेरिकियों को यह व्यवहार बहुत परेशान करने वाला लगा. सोशल मीडिया और टीवी पर इस तरह के जोकर शो बन रहे हैं. यह सच है कि उन लोगों में इसे लेकर कोई शर्म नहीं बची है. पहले ऐसा नहीं था. आपके पास किसी के लिए शिष्टाचार और सम्मान होना चाहिए. वह खो गया है. बराक ओबामा ने इसे गलत बर्ताव बताया है. इस तरह के संदेश से ट्रंप को मध्यावधि चुनाव में नुकसान होगा. आखिर में जवाब अमेरिका के लोग ही देंगे.
इसके अलावा ओबामा ने फेडरल सरकार के एजेंटों के बर्ताव को गलत और बेहद ही चिंताजनक साथ ही खतरनाक बताया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के नागरिक कह रहे हैं, कि यह वह अमेरिका नहीं है, जिस पर हम विश्वास करते हैं. हम इसका जवाब देंगे. हम सच्चाई, कैमरों और शांतिपूर्ण विरोध के साथ इसका जवाब देंगे.
मिनेसोटा में इमिग्रेशन ऑपरेशन की वजह से विरोध प्रदर्शन और देश में गुस्सा देखने को मिला है. शनिवार को मिनेसोटा में आक्रमक इमिग्रेशन ऑपरेशन के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला है.