दुनियाभर में ईसाइयों की वैश्विक हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई है. यह जानकारी हाल ही में जारी Pew-Templeton Global Religious Futures Project की नई रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार ईसाई धर्म अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है, लेकिन कुल आबादी में उसकी प्रतिशत हिस्सेदारी कम हो रही है. यह स्टडी 201 देशों और क्षेत्रों में 2,700 से अधिक जनगणनाओं और सर्वेक्षणों के आंकड़ों पर आधारित है.
रिपोर्ट के मुताबिक 2020 तक दुनिया में लगभग 2.3 अरब लोग यानी 28.8 प्रतिशत वैश्विक आबादी खुद को ईसाई मानते थे. 2010 से 2020 के बीच ईसाइयों की संख्या 2.1 अरब से बढ़कर 2.3 अरब हुई, यानी करीब 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि इस दौरान वैश्विक आबादी और गैर-ईसाइयों की संख्या 15 प्रतिशत बढ़ी. इस कारण ईसाइयों की वैश्विक हिस्सेदारी 31 प्रतिशत से घटकर 28.8 प्रतिशत रह गई.
घटती जन्मदर और धर्म परिवर्तन प्रमुख कारण
रिपोर्ट में बताया गया है कि ईसाई आबादी की हिस्सेदारी कम होने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं. पहला, कई क्षेत्रों में घटती जन्मदर, दूसरा वयस्क होने के बाद धर्म बदलने या किसी भी धर्म से खुद को अलग कर लेने की प्रवृत्ति जिम्मेदार है. आंकड़ों के अनुसार हाल के वर्षों में हर एक नए ईसाई व्यक्ति के मुकाबले 3.1 लोग ईसाई धर्म छोड़ चुके हैं. इनमें से अधिकतर लोगों ने किसी अन्य धर्म को नहीं अपनाया, बल्कि खुद को किसी भी धर्म से अलग घोषित किया.
यूरोप और अमेरिका से हटकर अफ्रीका बना केंद्र
भौगोलिक दृष्टि से ईसाई धर्म का केंद्र बदल रहा है. यूरोप में ईसाइयों की संख्या घटकर लगभग 50 करोड़ रह गई है, जो करीब 9 प्रतिशत की कमी दर्शाती है. उत्तर अमेरिका में भी यह संख्या घटकर लगभग 23 करोड़ रह गई है. इसके उल्ट उप-सहारा अफ्रीका में ईसाइयों की संख्या 31 प्रतिशत बढ़कर लगभग 69 करोड़ पहुंच गई है. 2020 के आंकड़ों के अनुसार 31 प्रतिशत ईसाई अफ्रीका में, 22 प्रतिशत यूरोप में, 24 प्रतिशत लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में और 10 प्रतिशत उत्तर अमेरिका में रह रहे थे. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 41 देशों में कम से कम 5 प्रतिशत अंक का बड़ा बदलाव दर्ज हुआ, जिनमें अधिकांश जगहों पर ईसाई आबादी घटी है.
अन्य धर्मों की वैश्विक हिस्सेदारी
2020 के धार्मिक रिपोर्ट के अनुसार अन्य धर्मों की वैश्विक हिस्सेदारी इस प्रकार है.
28.8 प्रतिशत आबादी ईसाई
25.6 प्रतिशत मुस्लिम
14.9 प्रतिशत हिंदू
4.1 प्रतिशत बौद्ध
24.2 प्रतिशत लोग खुद को किसी धर्म से जुड़ा नहीं मानते. ऐसे लोगों को नास्तिक कहा जाता है.
इस तरह 75.8 प्रतिशत वैश्विक आबादी किसी न किसी धर्म से जुड़ी है, जबकि लगभग एक चौथाई लोग खुद को नास्तिक या धार्मिक रूप से असंबद्ध बताते हैं. रिपोर्ट यह संकेत देती है कि वैश्विक धार्मिक परिदृश्य में बड़ा भौगोलिक और सामाजिक बदलाव हो रहा है, जिसमें ईसाई धर्म का केंद्र तेजी से अफ्रीका की ओर शिफ्ट हो रहा है.