इजरायल की तरफ से पूर्वी लेबनान में किए गए हवाई हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है. यह जानकारी लेबनानी अधिकारियों ने दी है. ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब दोनों पक्षों के बीच नवंबर 2024 में युद्धविराम (सीजफायर) समझौता हो चुका था. इजरायली सेना ने कहा कि उसने बेका घाटी (Bekaa Valley) में हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया. बेका घाटी हिज़्बुल्लाह का मजबूत गढ़ मानी जाती है. हिज़्बुल्लाह, जो एक शिया मुस्लिम संगठन और राजनीतिक दल है, ने पुष्टि की है कि उसके कम से कम 8 सदस्य मारे गए हैं, जिनमें एक वरिष्ठ फील्ड कमांडर भी शामिल है.
नवंबर 2024 में 13 महीने तक चले संघर्ष के बाद युद्धविराम समझौता हुआ था. इसके बावजूद इजरायल लगभग रोजाना लेबनान में हमले करता रहा है. उसका कहना है कि ये हमले हिज़्बुल्लाह से जुड़े लक्ष्यों पर किए जाते हैं, जिसे अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश आतंकवादी संगठन मानते हैं. हिज़्बुल्लाह को ईरान का समर्थन प्राप्त है.
रिहायशी इलाके में भारी तबाही
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में एक रिहायशी इलाके में भारी तबाही दिखाई दे रही है. इजरायली सेना ने बयान में कहा कि उसने हिज़्बुल्लाह के कमांड सेंटरों को निशाना बनाया और आरोप लगाया कि यह संगठन नागरिक आबादी के बीच अपने ठिकाने बनाता है, जो इजरायल और लेबनान के बीच हुए समझौतों का उल्लंघन है. शनिवार (21 फरवरी 2026) को जारी एक अन्य बयान में इजरायल ने कहा कि उसने हिज़्बुल्लाह के मिसाइल नेटवर्क से जुड़े कई सदस्यों को अलग-अलग कमांड सेंटरों में मार गिराया. सेना का दावा है कि ये लोग इजरायल पर हमले की तैयारी कर रहे थे और संगठन की सैन्य क्षमता को बढ़ाने में लगे थे.
युद्धविराम समझौता कहां होता है लागू?
हिज़्बुल्लाह का कहना है कि युद्धविराम समझौता केवल दक्षिणी लेबनान के उस क्षेत्र पर लागू होता है, जो लितानी नदी और ब्लू लाइन (लेबनान-इजरायल की अनौपचारिक सीमा) के बीच स्थित है. इस क्षेत्र में लेबनानी सेना ने हिज़्बुल्लाह के ढांचे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है, जो निरस्त्रीकरण योजना का पहला चरण है. हालांकि हिज़्बुल्लाह ने देश के अन्य हिस्सों, खासकर बेका घाटी में अपने हथियारों के भविष्य पर चर्चा करने से अब तक इनकार किया है. हाल ही में लेबनान सरकार ने लितानी नदी के उत्तर और सैदा (Sidon) के पास अवाली नदी के बीच दूसरे चरण की निरस्त्रीकरण योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया, जिसे हिज़्बुल्लाह ने खारिज कर दिया.
लेबनान सरकार का बयान
लेबनान सरकार का कहना है कि इजरायल के लगातार हमले युद्धविराम समझौते का उल्लंघन हैं. प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हाल ही में कहा कि स्थिति एकतरफा युद्ध जैसी बन गई है. पूर्वी लेबनान पर हमलों से कुछ घंटे पहले, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के सैदा शहर के पास ऐन अल-हिल्वे (Ain al-Helweh) फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर भी हमला किया. इजरायल का कहना है कि वहां हमास का एक कमांड सेंटर था. हमास ने बताया कि उसके दो सदस्य इस हमले में मारे गए.