नाटो सदस्य और अमेरिका के बीच वर्ल्ड लेवल पर सबकुछ ठीक नहीं है. इस वजह से नाटो के सदस्य देश और अमेरिका के बीच लड़ाई सामने आ गई है. अब इस पर अमेरिका और फ्रांस में तनातनी देखने को मिल रही है. फ्रांस के विदेश मंत्री ने मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए दो टूक कहा है कि फ्रांस में तैनात अमेरिका के राजनयिक को फ्रांस के द्वारा भेजे गए समन के अवहेलना करने का स्पष्टीकरण देना होगा. अब इसके बाद यह मनमुटाव खुलकर सामने आ गया है.
फ्रांस ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जबतक अमेरिका के राजदूत चार्ल्श कुशनर हमारी बात नहीं मानेंगे, उन्हें फ्रांस के अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं होगी. फ्रांस के अधिकारियों ने उन्हें मिलने के लिए भी बुलाया, जिसमें वो दूसरी बार नहीं पहुंचे.
क्या है मामला?
न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार, फ्रांस ने कुशनर को उस विवाद के चलते बुलाया, जब उन्होंने पिछले साल अगस्त में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को लिखे लेटर में आरोप लगाया था कि देश ने एंटीसेमिटिज्म से लड़ने के लिए कुछ नहीं किया.
कौन हैं चार्ल्श कुशनर ?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुशनर रिश्तेदार हैं. वो राष्ट्रपति के दामाद और एडवाइजर जेरेड कुशनर के पिता हैं. फ्रांस के अधिकारियों ने उन्हें उन बयानों से जुड़े मामले में तलब किया है, जिसपर फ्रांस की तरफ से आपत्ति दर्ज कराई गई है. लेकिन कुशनर की इस मीटिंग में गैरमौजूदगी ने तनाव को और बढ़ा दिया है. फ्रांस के राजनयिकों ने जानकारी दी है कि कुशनर बैठक में मौजूद नहीं हुए. वे इससे पहले भी एक बार मौजूद नहीं रहे थे.
फ्रांस के विदेश मंत्री ने उनके गैरमौजूदगी पर जताई हैरानी
फ्रांस के अधिकारियों ने उनकी गैरमौजूदगी पर हैरानी जताई है. विदेश मंत्री ज्यां-नोइल बैरो ने मंगलवार को इसे हैरानी से भरा कदम करार दिया है. इसके अलावा उन्होंने कहा है कि इस एक्शन से उनकी कार्य क्षमता पर असर पड़ेगा. इस वजह से फ्रांस ने कहा है कि जब वो पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देंगे, तो उन्हें दोबारा से फ्रांस के अधिकारियों से मिलने की अनुमति दी जाएगी.
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