पिता का निधन, फिर शादी का तनाव! परेशान महिला कांस्टेबल ने की आत्महत्या, लिखा सुसाइड नोट


Vikarabad Crime News: तेलंगाना के विकाराबाद में एक महिला पुलिस कांस्टेबल के आत्महत्या किए जाने की घटना से पूरे पुलिस विभाग और स्थानीय इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. धरूर पुलिस स्टेशन में राइटर के रूप में कार्यरत कांस्टेबल दिव्या ने अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. प्रारंभिक जांच में यह मामला पारिवारिक और मानसिक दबाव से जुड़ा बताया जा रहा है.

यह घटना विकाराबाद शहर के गंगाराम साईं बाबा कॉलोनी में सामने आई. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. दिव्या की अचानक हुई मौत से उनके परिवारजन, सहकर्मी पुलिसकर्मी और कॉलोनी के निवासी गहरे सदमे में हैं.

सुसाइड नोट में छलका दर्द

इस मामले की जानकारी देते हुए सीआई रघुकुमार ने बताया कि दिव्या ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था. पत्र में उन्होंने लिखा, “मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है. पिता के न होने से ही हमें इतनी पीड़ा है.” बताया गया है कि दिव्या के पिता का सात साल पहले निधन हो गया था, जिसके बाद से परिवार पर मानसिक और भावनात्मक दबाव बढ़ गया था.

शादी के रिश्ते को लेकर तनाव

परिजनों के मुताबिक, दिव्या हाल के दिनों में शादी के एक रिश्ते को लेकर काफी तनाव में थीं. हैदराबाद में कार्यरत एक एनालिटिकल ऑफिसर से उनका रिश्ता तय किया गया था, लेकिन दिव्या इस रिश्ते को लेकर असमंजस में थीं. उनकी बहन ने बताया कि दिव्या को डर था कि शादी के बाद उसकी नौकरी प्रभावित न हो जाए और परिवार पर बोझ न पड़े.

रिश्ते के बाद से दिव्या को लगातार फोन कॉल और मैसेज के जरिए दबाव बनाया जा रहा था कि वह कब मिलने आएंगी और कब फैसला लेंगी. बहन का कहना है कि आत्महत्या से एक दिन पहले रात को भी एक व्यक्ति ने दिव्या से लोकेशन भेजने को कहा था, जिससे वह और ज्यादा परेशान हो गई थीं.

शनिवार रात दिव्या ने अपनी बहन से काफी देर तक बातचीत की थी. उस दौरान भी वह बेहद तनाव में थीं और कह रही थीं कि अगर उन्हें लड़का पसंद नहीं आया तो समाज और सहकर्मी क्या सोचेंगे. बहन ने उन्हें दिलासा दिया, लेकिन अंदरूनी दबाव को वह सहन नहीं कर सकीं.

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की

दिव्या पिछले छह सालों से पुलिस विभाग में सेवा दे रही थीं. धरूर पुलिस स्टेशन में राइटर के रूप में उनका कार्य सराहनीय माना जाता था. अधिकारी और सहकर्मी उन्हें एक शांत, मेहनती और अनुशासित पुलिसकर्मी के रूप में जानते थे.

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है. सुसाइड नोट के साथ-साथ दिव्या के मोबाइल कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उन पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव या उत्पीड़न तो नहीं था. 



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