मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के मारे जाने की खबर सामने आई है. ईरानी लेबर न्यूज एजेंसी ने रविवार (1 मार्च 2026) को दावा किया कि इजरायल-अमेरिका के एयरस्ट्राइक में महमूद अहमदीनेजाद की मौत हुई है. वह 2005 से 2013 तक ईरान के राष्ट्रपति रह चुके हैं.
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति की मौत का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस हमले में अहमदीनेजाद के पूर्वोत्तर तेहरान के नरमक स्थित आवास को निशाना बनाया गया, जिसमें उनकी और कई बॉडीगार्ड की मौत हो गई. राष्ट्रपति बनने से पहले अहमदीनेजाद ने अर्दबिल प्रांत के गवर्नर और तेहरान के मेयर के रूप में काम किया था. उन्हें पश्चिम विरोधी रुख के लिए जाना जाता था. अहमदीनेजाद ने कई बार इजरायल के अस्तित्व को नकारने और उसे दुनिया के नक्शे से मिटा देने जैसे बयान दिए थे.
अमेरिका-इजरायल को जवाब देता रहेगा ईरान: पेजेशकियान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि सर्वोच्च नेता की मौत के बाद नयी नेतृत्व परिषद ने अपना काम शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका और इजरायल के हमले का कड़ा जवाब देना जारी रखेगा. खामेनेई की मौत की खबर ने न केवल पश्चिम एशिया की राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि उस नेता के विवादित शासन पर भी नयी बहस छेड़ दी है जिसने 36 वर्षों तक ईरान पर कठोर नियंत्रण बनाए रखा. खामेनेई ईरानी समाज में लगभग उतने ही प्रभावशाली थे जितने उनके पूर्ववर्ती अयातुल्ला रूहोल्ला खोमैनी थे, जिन्होंने 1979 में इस्लामी गणराज्य ईरान की स्थापना की थी.
खामेनेई की मौत के बाद भारत में प्रदर्शन
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने के बाद कश्मीर से लेकर कर्नाटक तक, भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोग रविवार को सड़कों पर उतर आए और उन्होंने इस घटनाक्रम पर आक्रोश एवं दुख व्यक्त किया. नई दिल्ली, बिहार, झारखंड और तेलंगाना में भी शोक मनाए जाने और नारेबाजी किए जाने के दृश्य देखे गए, जहां खामेनेई के पोस्टर थामे प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइली सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया.