ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग के बीच रविवार को कुवैत के F/A-18 हॉर्नेट ने तीन यूएस F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट मार गिराए. अमेरिका के अधिकारियों ने इसे ईरान संघर्ष से जुड़ी दुश्मनी के बीच साफ तौर पर फ्रेंडली फायर घटना करार दिया है. ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की मानें तो एक कुवैती F/A-18 हॉर्नेट ने ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान गलती से मिसाइलें लॉन्च कीं. यह मिसाइलें एयरक्राफ्ट पर जा गिरीं.
अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि अमेरिकी जेट की ओर तीन मिसाइलें दागी गई थीं. यह बाद में जाकर कुवैत में गिर गईं. इस दौरान करीबन 6 क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाला गया. फिलहाल सभी की हालत स्थिर है.
अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने इसे फ्रेंडली फायर घटना बताया. साथ ही कहा गया कि एयरक्राफ्ट को कुवैती एयर डिफेंस ने गलती से मार गिराया. यह सभी कुछ ऐसे समय हुआ, जब ईरान और इजरायल में जंग के हालात बने हुए और मिसाइलें-ड्रोन से हमले किए जा रहे.
आइए जानते हॉर्नेट क्या है?
F/A-18 हॉर्नेट एक अमेरका में बना दो इंजन वाला सुपरसोनिक मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है. इसे हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों मिशन के लिए बनाया गया है. इसको मैकडॉनेल डगलस ने नॉथ्रॉप के साथ साझेदारी में बनाया. यह 1983 में यूएस नेवी में शामिल हुआ. इसे एयरक्राफ्ट कैरियर ऑपरेशन के लिए बनाया गया. बाद में कुवैत समेत कई यूएस सहयोगी देशों को सौंपा गया.
साल 1997 में मैकॉनेल डगलस को बोइंग ने खरीदा. यह अब नया F/A-18 सुपर हॉर्नेट वेरिएंट बनाती है. बोइंग का कहना है कि F/A-18 सुपर हॉर्नेट कैरियर एयर विंग्स की रीढ़ मानी जाती है.
जानें F/A-18 हॉर्नेट की खासियत?
F/A-18 हॉर्नेट की खासियतों की बात करें, तो इसमें ट्विन टर्बोफेन इंजन लगा है. इसमें की स्पीड लगभग Mach 1.7 तक है. इसे एक कैरियर कैपेबल डिजाइन के तहत डिजाइन किया गया है. इनमें नौ एक्सटर्नल वेपन स्टेशन, रडार गाइडेड और इंफ्रारेड एयर टू एयर मिसाइल ले जाने की क्षमता है.
साल 1988 में अमेरिका ने एक बेड़े को ऑर्डर दिया था. इसकी खेंप अक्टूबर 1991 और अगस्त 1993 के बीच पहुंचाई गई थी. अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया इनका इस्तेमाल करते हैं.
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